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डिजिटल इंडिया ने लगाया रेलवे की 14 प्रिंटिंग प्रेस पर ताला, अब नहीं छपेंगे टिकट और फॉर्म
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Wed, 11 Oct 2017 09:51 AM IST
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- फोटो : ANI
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रेल मंत्रालय जल्द ही देश भर में मौजूद अपनी प्रिंटिग प्रेसों को बंद कर देगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा बुलाई गई मैराथन बैठक के बाद इसका फैसला लिया गया है। रेलवे यहां काम कर रहे स्टाफ को हटा कर के उनको दूसरे विभागों में शिफ्ट करेगा।
डिजिटाइजेशन बना बड़ी वजह
रेलवे की इन प्रिंटिंग प्रेस में ज्यादातर टिकट, फॉर्म और किताबें छपा करती थी। अब इन सबका डिजिटाइजेशन होने की वजह से ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता। रेलवे में अब रिजर्व टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं।
पढ़ें- खुशबू से महकेंगे ट्रेन के डिब्बे, बदबू की शिकायत के बाद रेलमंत्री ने दिए आदेश
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इसके साथ ही किसी प्रकार का फॉर्म आदि भी नहीं लगता है। रेलवे में अब कागज का प्रयोग काफी कम हो गया है और पेपरलैस होने की वजह से इन प्रिंटिग प्रेस की उपयोगिता काफी कम हो गई है।
19वीं सदी की है मशीनरी
रेलवे की ज्यादातर प्रेस में 19वीं सदी की मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है। समय के साथ इनमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया था। रेलवे इन मशीनों को बंद करने के बाद टिकट आदि की छपाई के लिए टेंडर निकालेगा। इन सभी यूनिट में स्टाफ काफी कम है। इन प्रेस के बंद होने के बाद रेलवे इनका इस्तेमाल अन्य कार्यों के लिए किया जाएगा।
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डिजिटाइजेशन बना बड़ी वजह
रेलवे की इन प्रिंटिंग प्रेस में ज्यादातर टिकट, फॉर्म और किताबें छपा करती थी। अब इन सबका डिजिटाइजेशन होने की वजह से ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता। रेलवे में अब रिजर्व टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं।
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इसके साथ ही किसी प्रकार का फॉर्म आदि भी नहीं लगता है। रेलवे में अब कागज का प्रयोग काफी कम हो गया है और पेपरलैस होने की वजह से इन प्रिंटिग प्रेस की उपयोगिता काफी कम हो गई है।
19वीं सदी की है मशीनरी
रेलवे की ज्यादातर प्रेस में 19वीं सदी की मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है। समय के साथ इनमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया था। रेलवे इन मशीनों को बंद करने के बाद टिकट आदि की छपाई के लिए टेंडर निकालेगा। इन सभी यूनिट में स्टाफ काफी कम है। इन प्रेस के बंद होने के बाद रेलवे इनका इस्तेमाल अन्य कार्यों के लिए किया जाएगा।