{"_id":"678ebb62f5c852d32b03d186","slug":"pwc-survey-india-among-top-nations-on-ceos-confidence-on-investment-plans-economic-growth-world-news-in-hind-2025-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"PWC Survey: निवेश मामले में भारत शीर्ष पांच देशों में शामिल, पीडब्ल्यूसी सर्वेक्षण में आर्थिक वृद्धि पर भी जोर","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
PWC Survey: निवेश मामले में भारत शीर्ष पांच देशों में शामिल, पीडब्ल्यूसी सर्वेक्षण में आर्थिक वृद्धि पर भी जोर
Tue, 21 Jan 2025 02:38 AM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दावोस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दावोस
Published by: शुभम कुमार
Updated Tue, 21 Jan 2025 02:38 AM IST
सार
विश्व आर्थिक मंच की बैठक के पहले दिन भारत का दबदबा देखने को मिला। पीडब्ल्यूसी द्वारा जारी वार्षिक सीईओ सर्वेक्षण में बताया गया कि सीईओ द्वारा बनाई गई निवेश योजनाओं और देश की आर्थिक वृद्धि के मामले में भारत दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल है।
विज्ञापन
भारतीय तिरंगा
- फोटो : instagram
विस्तार
सोमवार से यूरोप के दावेस में पांच दिवसीय विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक शुरू हुई। इस बैठक में पीडब्ल्यूसी द्वारा जारी वार्षिक सीईओ सर्वेक्षण में बताया गया कि सीईओ द्वारा बनाई गई निवेश योजनाओं और देश की आर्थिक वृद्धि के मामले में भारत दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल है। साथ ही सर्वेक्षण में बताया गया कि लगभग 90 प्रतिशत भारतीय सीईओ आर्थिक विकास के प्रति आश्वस्त हैं और वे कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बना रहे हैं।
निवेश मामले में भारत का स्थान
विश्व आर्थिक मंच की बैठक में जारी वैश्विक सर्वेक्षण में पाया गया कि भारत निवेश के मामले में शीर्ष पांच देशों में शामिल है, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और चीनी मुख्य भूमि भी शामिल हैं। सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 51 प्रतिशत भारतीय सीईओ का मानना है कि एआई का प्रभाव उनकी कंपनियों की लाभप्रदता पर सकारात्मक रहेगा। वहीं एक तिहाई सीईओ ने जलवायु-अनुकूल निवेश से राजस्व वृद्धि की बात की।
पीडब्ल्यूसी ने बताया कि 40 प्रतिशत से अधिक भारतीय सीईओ के लिए पिछले पांच सालों में उत्पाद और सेवा नवाचार सबसे आम सुधार कदम रहे हैं। इसके अलावा, भारत और दुनिया भर के 10 में से चार सीईओ ने कहा कि उनकी कंपनियों ने पिछले पांच सालों में कम से कम एक नए क्षेत्र या उद्योग में प्रतिस्पर्धा शुरू की है।
विज्ञापन
87 प्रतिशत सीईओ आर्थिक वृद्धि के लिए उत्साहित
इसके साथ ही सर्वेक्षण में बताया गया कि 87 प्रतिशत भारतीय सीईओ देश की आर्थिक वृद्धि को लेकर उत्साहित हैं, जो वैश्विक औसत 57 प्रतिशत से कहीं अधिक है। इसके साथ ही, 74 प्रतिशत सीईओ अगले तीन वर्षों में अपनी कंपनियों की राजस्व वृद्धि को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। पीडब्ल्यूसी ने यह भी बताया कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, व्यापार में आसानी (EoDB), बुनियादी ढांचे का विकास और इसके युवा और कुशल कार्यबल निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
एक नजर चुनौतियों पर भी
जाहिर सी बात है कि इतनी उपलब्धियों के बाद कुछ चुनौतियां भी होंगी। जारी सर्वेक्षण में इन चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला है, जिसमें तकनीकी बदलाव, व्यापक आर्थिक अस्थिरता, मुद्रास्फीति और कुशल श्रम की कमी सबसे प्रमुख हैं। भारतीय सीईओ ने विघटनकारी तकनीकी बदलाव को अपनी कंपनी की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में से एक बताया।
पीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने चुनौतियों पर डाला प्रकाश
इसी सिलसिले में पीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष संजीव कृष्ण का भी बयान सामने आया है। जहां उन्होंने चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज सीईओ के लिए यह चुनौती है कि वे भविष्य में अपनी कंपनियों के लिए सही पारिस्थितिकी तंत्र की कल्पना करें, जिसमें जलवायु परिवर्तन और एआई जैसे मेगाट्रेंड्स, ग्राहकों की बदलती ज़रूरतें और उनके उद्योगों में बदलाव शामिल हैं।
विज्ञापन
निवेश मामले में भारत का स्थान
विश्व आर्थिक मंच की बैठक में जारी वैश्विक सर्वेक्षण में पाया गया कि भारत निवेश के मामले में शीर्ष पांच देशों में शामिल है, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और चीनी मुख्य भूमि भी शामिल हैं। सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 51 प्रतिशत भारतीय सीईओ का मानना है कि एआई का प्रभाव उनकी कंपनियों की लाभप्रदता पर सकारात्मक रहेगा। वहीं एक तिहाई सीईओ ने जलवायु-अनुकूल निवेश से राजस्व वृद्धि की बात की।
विज्ञापन
पीडब्ल्यूसी ने बताया कि 40 प्रतिशत से अधिक भारतीय सीईओ के लिए पिछले पांच सालों में उत्पाद और सेवा नवाचार सबसे आम सुधार कदम रहे हैं। इसके अलावा, भारत और दुनिया भर के 10 में से चार सीईओ ने कहा कि उनकी कंपनियों ने पिछले पांच सालों में कम से कम एक नए क्षेत्र या उद्योग में प्रतिस्पर्धा शुरू की है।
विज्ञापन
87 प्रतिशत सीईओ आर्थिक वृद्धि के लिए उत्साहित
इसके साथ ही सर्वेक्षण में बताया गया कि 87 प्रतिशत भारतीय सीईओ देश की आर्थिक वृद्धि को लेकर उत्साहित हैं, जो वैश्विक औसत 57 प्रतिशत से कहीं अधिक है। इसके साथ ही, 74 प्रतिशत सीईओ अगले तीन वर्षों में अपनी कंपनियों की राजस्व वृद्धि को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। पीडब्ल्यूसी ने यह भी बताया कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, व्यापार में आसानी (EoDB), बुनियादी ढांचे का विकास और इसके युवा और कुशल कार्यबल निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
एक नजर चुनौतियों पर भी
जाहिर सी बात है कि इतनी उपलब्धियों के बाद कुछ चुनौतियां भी होंगी। जारी सर्वेक्षण में इन चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला है, जिसमें तकनीकी बदलाव, व्यापक आर्थिक अस्थिरता, मुद्रास्फीति और कुशल श्रम की कमी सबसे प्रमुख हैं। भारतीय सीईओ ने विघटनकारी तकनीकी बदलाव को अपनी कंपनी की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में से एक बताया।
पीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने चुनौतियों पर डाला प्रकाश
इसी सिलसिले में पीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष संजीव कृष्ण का भी बयान सामने आया है। जहां उन्होंने चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज सीईओ के लिए यह चुनौती है कि वे भविष्य में अपनी कंपनियों के लिए सही पारिस्थितिकी तंत्र की कल्पना करें, जिसमें जलवायु परिवर्तन और एआई जैसे मेगाट्रेंड्स, ग्राहकों की बदलती ज़रूरतें और उनके उद्योगों में बदलाव शामिल हैं।