तेजस एक्सप्रेस के यात्रियों को मिलेंगी ये खास सुविधाएं, टिकट के साथ ही बुक कर सकेंगे कैब, होटल
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अगले महीने से शुरू होने वाली देश की पहली निजी ट्रेन तेजस एक्सप्रेस के यात्रियों को आईआरसीटीसी बड़ी सौगात देने जा रहा है। इसके तहत यात्रियों को टिकट बुक करते समय ही कैब, होटल और सामान को बुक करने की सुविधा मिलेगी।
आईआरसीटीसी ने दिया प्रस्ताव
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरसीटीसी ने रेलवे बोर्ड को यह प्रस्ताव दिया है। आईआरसीटीसी ने जो प्रस्ताव दिया है, उसके मुताबिक दिल्ली-लखनऊ और मुंबई-अहमदाबाद रूट पर चलने वाली पहली निजी तेजस एक्सप्रेस में यात्री टिकट बुक कराते वक्त घर से स्टेशन और स्टेशन से घर तक कैब बुकिंग, सफर के दौरान अपनी पसंद का भोजन और व्हीलचेयर सुविधा का लाभ ले सकते हैं। हालांकि अभी इस प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड से मंजूरी नहीं मिली है।
किराया निर्धारित करने का अधिकार रेलवे के पास
हालांकि इन ट्रेनों में किराया तय करने का अधिकार रेलवे बोर्ड के पास रहेगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी के यादव ने कहा कि अन्य कंपनियों को ट्रेन चलाने की मंजूरी देने से पहले एक नियामक का गठन होगा। यह नियामक किराये पर अंकुश लगाएगा, ताकि त्योहार के वक्त कंपनियां किराये को ज्यादा न बढ़ा सके। नियामक का कार्य बिलकुल विमानन क्षेत्र में कार्यरत नियामक की तरह होगा।
कई कंपनियों ने दिखाई रूचि
निजी ट्रेन चलाने के लिए कंई कंपनियों ने अपनी रूचि दिखाई है। रेलवे एक पारदर्शी नीलामी व्यवस्था के तहत ट्रेन और रूटों को दिया जाएगा। यह ट्रेनें प्रमुख रूटों पर चलेंगी, जब 90 फीसदी मालगाड़ियों को डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। देश में पूर्वी और पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर दिसंबर 2021 तक तैयार हो जाएंगे।
मिलेंगी यह सुविधाएं
रेलवे बोर्ड की तरफ से तैयार कराए गए ब्लू प्रिंट के मुताबिक, आईआरसीटीसी को इन ट्रेनों की जिम्मेदारी तीन साल के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सौंपी जा रही है। सप्ताह में छह दिन चलने वाली इन ट्रेनों में रेलवे की तरफ से दी जाने वाली कोई रियायत, मासिक पास, किराया छूट या अन्य विशेषाधिकार का लाभ नहीं दिया जाएगा। साथ ही इन दोनों ट्रेन में टिकट चेकिंग की व्यवस्था भी रेलवे के बजाय आईआरसीटीसी अपने स्तर पर करेगा।
मिलेगा यूनिक नंबर
इन दोनों ट्रेनों को यूनिक नंबर दिया जाएगा और इनका संचालन रेलवे का संचालक स्टाफ (लोको, पायलट, गार्ड और स्टेशन मास्टर) ही संभालेंगे। लेकिन इन ट्रेनों के मेंटिनेंस और स्पेयर-पार्ट्स का खर्च आईआरसीटीसी को ही चुकाना होगा।
दुर्घटना के वक्त मुआवजा देगा रेलवे
भले ही ट्रेन संचालन में सभी जिम्मेदारियां आईआरसीटीसी की होगी, लेकिन किसी भी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति में इन दोनों ट्रेन के यात्रियों को मिलने वाले किसी भी प्रकार के मुआवजे की जिम्मेदारी रेलवे की ही होगी। साथ ही ट्रेन का संचालन दोबारा शुरू करने में भी रेलवे की तरफ से आईआरसीटीसी की मदद की जाएगी।