बजट: प्रधानमंत्री ने की अर्थशास्त्रियों से नीति आयोग में मुलाकात, आर्थिक सुस्ती को लेकर हुई चर्चा
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बजट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित चार केंद्रीय मंत्रियों व नीति आयोग के उपाध्यक्ष और सीईओ ने देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों व विशेषज्ञों से मुलाकात की। इस बैठक में अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती को दूर करने को लेकर के मंथन हुआ। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री बजट से पहले उद्योगपतियों और संगठनों के अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं।
अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पितवार को नीति आयोग में विभिन्न क्षेत्र के 38 विशेषज्ञों के साथ बैठक की। इसमें वरिष्ठ अर्थशास्त्री, प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटलिस्ट, कारोबारी विशेषज्ञों, कृषि और विज्ञान एवं तकनीक क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल थे। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण थी कि कुछ ही दिन बाद अगले साल का आम बजट पेश किया जाना है, जिसमें बैठक के दौरान मिले सुझावों को शामिल किया जाएगा।
अर्थव्यवस्था में सुस्ती झेलने की ताकतः पीएम
नीति आयोग से मिली सूचना के मुताबिक करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को जो पांच ट्रिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है, उसका विचार अचानक नहीं आया। इस बारे में पहले गहन विचार विमर्श किया गया और अर्थव्यवस्था की ताकत के बारे में आकलन किया गया। तब जाकर यह लक्ष्य तय हुआ है। उन्होंने सुस्ती की ओर संकेत करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवव्स्था में इस तरह के दिक्कतों को झेलने की ताकत है।
अर्थव्यवस्था का बुनियादी ढांचा कुछ ऐसा है कि कुछ ही अवधि में फिर से विकास पथ पर आरूढ़ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ क्षेत्र जैसे पर्यटन, शहरी विकास, ढांचागत संरचना, कृषि उत्पादों पर आधारित उद्योग आदि में बड़ी संख्या में रोजगार देने की क्षमता है।
इन क्षेत्रों का विस्तार करना होगा तथा इस पर गंभीरता से काम करना होगा। पर्यटन के क्षेत्र में तो बड़ी संख्या में रोजगार मिलता है। किसी को होटल और रेस्टोरेंट क्षेत्र में काम मिलता है तो किसी को गाइड के रूप में काम मिलता है तो किसी को परिवहन व्यवस्था चलाने के लिए नौकरी मिलती है।
इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत तथा कुछ अन्य मंत्रालय के सचिव शामिल हुए थे। अर्थशस्त्रियों की बात करें तो इसमें शंकर आचार्य, आर. नागराज, फरजाना अफरीदी, वेंचर कैपिटलिस्ट प्रदीप शाह, उद्योगपति ए. मल्लावरापू, पर्यटन क्षेत्र से दीप कालरा शामिल थे।
इसलिए अहम थी बैठक
सरकार 2020-21 के लिए बजट प्रस्ताव तैयार करने में जुटी है। ऐसे में यह बैठक अहम है। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की थी। समझा जाता है कि बैठक में अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने तथा रोजगार सृजन बढ़ाने के उपायों पर विचार विमर्श किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को अपना दूसरा आम बजट पेश करेंगी जिसमें देश की आर्थिक वृद्धि को फिर से पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती होगी।