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Assam MPI: 'असम में पिछले तीन वर्षों के दौरान 25% कम हुई गरीबी', सीएम सरमा ने बताया ये कारण
Tue, 16 Jan 2024 04:44 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 16 Jan 2024 04:44 PM IST
सार
Assam MPI: नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने लिखा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार में राज्य में 80 लाख लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। पिछले 3 वर्षों में गरीबी अनुपात में 25% की कमी आई है।
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असम के सीएम
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि असम में पिछले तीन साल में गरीबों की संख्या में 25 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि राज्य में 80 लाख से अधिक लोग गरीबी से बाहर आ गए हैं और राज्य आधुनिक इतिहास में सबसे समृद्ध युग से गुजर रहा है।
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नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरमा ने लिखा, 'माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार में राज्य में 80 लाख लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। पिछले 3 वर्षों में गरीबी अनुपात में 25% की कमी आई है।
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सरमा ने कहा, "राज्य आधुनिक इतिहास में अपने सबसे समृद्ध युग का अनुभव कर रहा हैं। हम वर्तमान में तेजी से विकास पथ पर हैं इससे असम देश के शीर्ष 5 राज्यों में शामिल होकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।"
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नीति आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए राष्ट्रीय बहु-आयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) को साझा करते हुए सरमा ने कहा कि राज्य में गरीबी अनुपात 2013-14 के 36.97 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 14.47 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा, "राज्य में अनुमानित 80.36 लाख लोग गरीबी से बाहर आ गए हैं, जो हमारी कल्याणकारी पहल की एक बड़ी जीत है।"
एमपीआई नीति आयोग की ओर से 12 संकेतकों के आधार पर गरीबी के प्रसार का अध्ययन करने के लिए किया गया एक आकलन है, जिसमें पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, स्कूल उपस्थिति, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, संपत्ति और बैंक खाते शामिल हैं। नीति आयोग की एक रिपोर्ट में सोमवार को कहा गया था कि 2013-14 से 2022-23 तक नौ वर्षों के दौरान 24.82 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले।