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पीएनबी ने वसूली के लिए एनपीए के तीन खाते नीलाम करने की घोषणा की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:40 PM IST
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पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने फंसे कर्ज (एनपीए) के तीन खाते नीलाम करने की घोषणा की है। इसका मकसद कर्जधारकों से 136 करोड़ के बकाए की वसूली है। पीएनबी ने अभिरुचि आमंत्रित करने के लिए की गई घोषणा में कहा कि हम नियामकीय दिशानिर्देश के अनुरूप और बैंक की नीति में उल्लिखित नियमों और शर्तों के तहत इन खातों को एआरसी/एनबीएफसी/अन्य बैंकों/एफआई को बेचना चाहते हैं।
जिन तीन एनपीए या खराब कर्ज के खातों को बिक्री के लिए रखा गया है, उनमें हैं ग्वालियर झांसी एक्सप्रेसवे (55 करोड़ रुपये का बकाया), एसवीएस बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड (50 करोड़ का बकाया) और शिवा टेक्सफैब्स लिमिटेड (31.06 करोड़ रुपये का बकाया)। बैंक ने कहा कि इन खातों को बेचने के लिए ई-बोली की प्रक्रिया सात जुलाई 2018 को पूरी की जाएगी। गौरतलब है कि सभी सरकारी बैंकों ने एनपीए खातों से वसूली के लिए अभियान तेज कर दिया है। बैंकों के कुल फंसे कर्जों में सर्वाधिक हिस्सेदारी सरकारी बैंकों की है।
8.31 लाख करोड़ की नहीं हो पा रही वसूली
बैंकिंग सेक्टर में दिसंबर 2017 तक एनपीए का स्तर 8.31 लाख करोड़ रुपये था। अपने बैलेंस शीट को दुरुस्त करने के लिए बैंक जहां संभावित एनपीए खातों को दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के हवाले कर रहे हैं, वहीं वे अपने गैर प्रमुख कारोबार को भी बेच रहे हैं। इससे पहले अप्रैल में भी दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पीएनबी ने तीन एनपीए खातों को बेचने के लिए बोली आमंत्रित की थी। इन खातों में शामिल थे श्री सिधबाली इस्पात लिमिटेड (मेरठ) (165.30 करोड़ रुपये का बकाया), श्री गुरुप्रभा पावर लिमिटेड (चेन्नई) (31.52 करोड़ रुपये) और धरमनाथ इन्वेस्टमेंट (मुंबई) (17.63 करोड़ रुपये)।
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जिन तीन एनपीए या खराब कर्ज के खातों को बिक्री के लिए रखा गया है, उनमें हैं ग्वालियर झांसी एक्सप्रेसवे (55 करोड़ रुपये का बकाया), एसवीएस बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड (50 करोड़ का बकाया) और शिवा टेक्सफैब्स लिमिटेड (31.06 करोड़ रुपये का बकाया)। बैंक ने कहा कि इन खातों को बेचने के लिए ई-बोली की प्रक्रिया सात जुलाई 2018 को पूरी की जाएगी। गौरतलब है कि सभी सरकारी बैंकों ने एनपीए खातों से वसूली के लिए अभियान तेज कर दिया है। बैंकों के कुल फंसे कर्जों में सर्वाधिक हिस्सेदारी सरकारी बैंकों की है।
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8.31 लाख करोड़ की नहीं हो पा रही वसूली
बैंकिंग सेक्टर में दिसंबर 2017 तक एनपीए का स्तर 8.31 लाख करोड़ रुपये था। अपने बैलेंस शीट को दुरुस्त करने के लिए बैंक जहां संभावित एनपीए खातों को दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के हवाले कर रहे हैं, वहीं वे अपने गैर प्रमुख कारोबार को भी बेच रहे हैं। इससे पहले अप्रैल में भी दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पीएनबी ने तीन एनपीए खातों को बेचने के लिए बोली आमंत्रित की थी। इन खातों में शामिल थे श्री सिधबाली इस्पात लिमिटेड (मेरठ) (165.30 करोड़ रुपये का बकाया), श्री गुरुप्रभा पावर लिमिटेड (चेन्नई) (31.52 करोड़ रुपये) और धरमनाथ इन्वेस्टमेंट (मुंबई) (17.63 करोड़ रुपये)।
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