सेवा क्षेत्र में गिरावट का दौर जारी, 22 माह के निचले स्तर पर PMI
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देश के सेवा क्षेत्र में गिरावट का दौर लगातार जारी है। नौकरियां कम होने की वजह से जून में परचेज मैनेजर इंडेक्स (पीएमआई) 22 माह के निचले स्तर पर चला गया। निक्कई सर्विसेज परचेज मैनेजर इंडेक्स जून माह में 49.6 के स्तर पर पहुंच गया। यह मई माह में 50.2 के स्तर पर था।
इससे पता चलता है कि सेवा क्षेत्र में नौकरियां काफी कम हो गई हैं और कंपनियां भी इसके लिए नई नौकरियों को नहीं निकाल रही है। कम बिक्री, ज्यादा लागत और टैक्स की मार से उद्योग जगत में उत्पादन काफी प्रभावित हुआ है। आईएसएच मार्किट की प्रधान अर्थशास्त्री और रिपोर्ट की लेखिका पॉलिएना डी लीमा ने कहा कि भारत का प्रधान सेवा क्षेत्र आम चुनाव के बाद भी प्रभावित रहा है। इससे लगातार पांच महीने नए कार्यों और कारोबारी गतिविधियों में नरमी आई है।
सुधार के संकेत
रिपोर्ट में कहा गया कि यह गिरावट तात्कालिक भी हो सकती है, क्योंकि कंपनियों ने नई नियुक्तियां शुरू कर दी हैं और वे भविष्य के परिदृश्य के प्रति काफी आशावान हैं। लीमा ने कहा कि नियुक्ति गतिविधियों में तेजी और भरोसेमंद रुख से निकट भविष्य में सेवा क्षे की गतिविधियों में सुधार के संकेत मिलते हैं। साथ ही खर्च और निवेश बढ़ने से महंगाई का दबाव कम रहने की भी उम्मीद है।
जून में एफडीआई 37 फीसदी बढ़ा
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग ने बुधवार को बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 में सेवा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 36.5 फीसदी बढ़ गया है। इस दौरान 9.15 अरब डॉलर का एफडीआई सेवा क्षेत्र में आया है।
विभाग के अनुसार, 2017-18 में वित्त और बैंकिंग, बीमा, आउटसोर्सिंग, आरएंडडी, कुरियर, टेक टेस्टिंग और विश्लेषण जैसे सेवा क्षेत्रों में कुल 6.7 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया था। सरकार की ओर से कारोबारी सुगमता बढ़ाने की वजह से एफडीआई आकर्षित करने में मदद मिली है। जीडीपी की विकास दर में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी होती है। ऐसे में यहां एफडीआई बढ़ने से अर्थव्यवस्था में मजबूती आने के संकेत हैं।