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महिला दिवस पर बोले पीएम मोदी: 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य, वित्त मंत्री को लेकर कही ये बड़ी बात
Tue, 08 Mar 2022 12:20 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Tue, 08 Mar 2022 12:20 PM IST
सार
PM Narendra Modi On Women's Day 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक पोस्ट बजट वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आप सभी को बधाई देता हूं। गौरव की बात है कि भारत की वित्त मंत्री भी एक महिला हैं जिन्होंने इस बार देश को बहुत प्रगतिशील बजट दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : स्क्रीनग्रैब
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 'वित्तपोषण और आकांक्षात्मक अर्थव्यवस्था' विषय पर बजट के बाद के वेबिनार को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आप सभी को बधाई देता हूं। गौरव की बात है कि भारत की वित्त मंत्री भी एक महिला हैं जिन्होंने इस बार देश को बहुत प्रगतिशील बजट दिया है।
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देश में आत्मनिर्भर अभियान जारी
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश आत्मनिर्भर भारत अभियान चला रहा है। हमारे देश की निर्भरता दूसरे देशों पर कम से कम हो, इससे जुड़े प्रोजेक्ट की फाइनेंसिंग के कैसे विभिन्न मॉडल बनाए जा सकते हैं, इस बारे में मंथन आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में सरकार ने तेज ग्रोथ के मोमेंटम को जारी रखने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। विदेशी पूंजी प्रवाह को प्रोत्साहित करके, इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश पर टैक्स कम करके, एनआईआईएफ, गिफ्ट सिटी, नए डीएफआई जैसे संस्थान बनाकर हमने वित्तीय और आर्थिक विकास को तेज गति देने का प्रयास किया है।
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2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य के लिए ग्रीन फाइनेंसिंग जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा, हमारे वित्तीय क्षेत्र को नए भविष्य के विचारों और पहलों के नवाचार वित्तपोषण और टिकाऊ जोखिम प्रबंधन पर विचार करना होगा। 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को पूरा करने के लिए ग्रीन फाइनेंसिंग का कार्यान्वयन वक्त की जरूरत है। इसलिए वित्तीय सहायता को पर्यावरण के अनुकूल परियोजनाओं तक बढ़ाया जाना चाहिए।
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बजट के बाद विकास एवं महत्वाकांक्षी अर्थव्यवस्था के लिए वित्तपोषण विषय पर आयोजित वेबिनार में मोदी ने कहा, एमएसएमई को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा किए गए सुधारों की सफलता इन क्षेत्रों के लिए वित्तपोषण को मजबूत करने पर निर्भर है । उन्होंने जोर दिया कि जब तक देश फिनटेक, एग्रीटेक, मेडिटेक और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में आगे नहीं बढ़ता, तब तक उद्योग 4.0 संभव नहीं है। ऐसे क्षेत्रों में वित्तीय संस्थानों की मदद भारत को उद्योग 4.0 में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
उन्होंने निर्माण, स्टार्टअप, हाल ही में ड्रोन, अंतरिक्ष और भू-स्थानिक डाटा जैसे 8-10 क्षेत्रों की पहचान करने की जरूरत पर भी जोर दिया। मोदी ने कहा, इन क्षेत्रों में भारत विश्व स्तर पर शीर्ष -3 में से एक हो सकता है, संस्थानों को इन क्षेत्रों में वित्तीय सहयोग को बढ़ाना चाहिए। मोदी ने नौकरशाहों को 2022-23 के केंद्रीय बजट प्रस्तावों को लागू करने के लिए ‘कार्रवाई योग्य समाधान’ पेश करने को कहा।
गहरी समझ से ही उद्यमिता का विस्तार संभव
मोदी ने कहा, उद्यमिता का विस्तार, नवाचार और स्टार्टअप के बीच नए बाजारों की खोज तभी होगी जब उन्हें वित्तपोषित करने वालों के बीच भविष्य के इन विचारों की गहरी समझ होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में काम और निवेश का जिक्र करते हुए, मोदी ने जोर दिया कि चिकित्सा शिक्षा से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए, अधिक से अधिक चिकित्सा संस्थानों का होना जरूरी है। उन्होंने पूछा, क्या हमारे वित्तीय संस्थान और बैंक अपनी व्यावसायिक योजना में इसे प्राथमिकता दे सकते हैं?
निर्यातकों को प्राथमिकता पर फंडिंग करें बैंक तो उन्हें भी मजबूती मिलेगी
मोदी ने कहा, अगर बैंक निर्यातकों को प्राथमिकता के आधार पर फंडिंग देते हैं, तो यह उन्हें मजबूत बनाएगा और आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम में मदद करेगा। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने कहा, अगर कोई प्राकृतिक खेती में नया काम करने के लिए आगे आ रहा है तो यह सोचना जरूरी है कि वित्तीय संस्थान उसकी मदद कैसे कर सकते हैं।