{"_id":"694e5ca95381ec82670e4393","slug":"pm-modi-on-economic-reforms-gov-decisions-benefit-to-the-people-of-india-income-tax-act-2025-new-labour-codes-2025-12-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"PM Modi on Economic Reforms: '12 लाख तक की आय टैक्स फ्री', पीएम मोदी बोले- सुधारों की रफ्तार अब और तेज होगी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
PM Modi on Economic Reforms: '12 लाख तक की आय टैक्स फ्री', पीएम मोदी बोले- सुधारों की रफ्तार अब और तेज होगी
Fri, 26 Dec 2025 03:30 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 26 Dec 2025 03:30 PM IST
सार
पीएम मोदी ने कहा है कि भविष्य में आर्थिक सुधारों की रफ्तार और तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि 12 लाख तक की आय टैक्स फ्री करने और एमएसएमई क्षेत्र के लिए किए गए एलानों से बड़े पैमाने पर लोगों को लाभ मिला है। पीएम ने इस दौरान ईज ऑफ लिविंग की भी चर्चा की। पढ़ें पीएम ने और क्या कहा।
विज्ञापन
सरकार की ओर से 2025 में किए गए सुधारों पर पीएम मोदी।
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
भारत के आर्थिक परिदृश्य में बड़े बदलावों के संकेत देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि सरकार के सुधारों का सिलसिला थमने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले समय में सुधारों की यह प्रक्रिया और भी अधिक जोश और ताकत के साथ जारी रहेगी। सरकार का मुख्य फोकस 'ईज ऑफ लिविंग' यानी आम जनता के जीवन को आसान बनाने पर है। शुक्रवार को केंद्र सरकार की ओर से साझा की गई सुधारों की उपलब्धियों पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने यह बात कही। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकार टैक्स, लेबर और कॉर्पोरेट कानूनों में बड़े बदलावों को लागू कर चुकी है।
विज्ञापन
मिडिल क्लास को बड़ी राहत
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों और प्रधानमंत्री के वक्तव्य से साफ है कि 'इनकम टैक्स एक्ट 2025'का सबसे बड़ा लाभार्थी मध्यम वर्ग है। अब 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि मध्यम वर्ग के परिवारों के हाथ में खर्च और निवेश के लिए अधिक पैसा बच रहा है। इससे अर्थव्यवस्था में खपत बढ़ रही है। नए टैक्स कानून ने कर प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है, जिससे करदाताओं को कानूनी पचड़ों से मुक्ति मिली है।
विज्ञापन
छोटे उद्योगों के लिए खुली राहें
सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यापारिक जगत के बारे में कहा गया कि छोटे व्यवसायों को अब लाभ खोने के डर के बिना आगे बढ़ने की आजादी है। नई छोटी कंपनियों की परिभाषा का विस्तार किया गया है। अब 100 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले उद्यमों पर अनुपालन का बोझ कम कर दिया गया है। इससे MSMEs को अपना विस्तार करने, नई भर्तियां करने और लोकल एंटरप्राइजेज को ग्लोबल बनाने में मदद मिल रही है।
विज्ञापन
श्रम कानूनों में ऐतिहासिक बदलाव
कारोबारी धारणा (बिजनेस सेंटिमेंट) को सुधारने की दिशा में सरकार ने पुराने और जटिल कानूनों को खत्म किया है। 29 अलग-अलग श्रम कानूनों (Labour Laws) को मिलाकर अब केवल 4 लेबर कोड (Wages, Safety, Social Security, and Relations) बनाए गए हैं। इससे न केवल कंपनियों के लिए नियम मानना आसान हुआ है, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों और महिलाओं के लिए मातृत्व सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया गया है।
जीएसटी सुधार और रिकॉर्ड तोड़ बिक्री
सरकार ने अपनी रिपोर्ट में जीएसटी को और सरल बनाने का दावा किया है। टैक्स स्लैब में सुधार और ऑटोमेटेड रिफंड प्रक्रिया ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा दिया है। इसका सीधा असर बाजार में भी दिख रहा है। सुधरती अर्थव्यवस्था का प्रमाण दिवाली के दौरान 6.05 ट्रिलियन रुपये की रिकॉर्ड बिक्री है। इस बार नवरात्रि के दौरान पिछले एक दशक में सबसे मजबूत खरीदारी दिखी।
ग्रामीण भारत और बुनियादी ढांचा
सुधारों का दायरा केवल शहरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण रोजगार अब केवल मजदूरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थायी संपत्ति बनाने पर केंद्रित है। गांव के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण आजीविका बेहतर हो रही है। प्रधानमंत्री का यह संदेश स्पष्ट करता है कि सरकार का जोर जटिलताओं को खत्म कर परिणामों पर है। आने वाले दिनों में विवाद समाधान को और तेज करने और कानूनों को गैर-आपराधिक बनाने की दिशा में और बड़े कदम उठाए जा सकते हैं।