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प्रधानमंत्री की अपील से मोमबत्ती निर्माताओं को मांग बढ़ने की उम्मीद, तो बिजली विभाग के लिए चुनौती
Sat, 04 Apr 2020 10:09 AM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sat, 04 Apr 2020 10:09 AM IST
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नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से रविवार रात नौ बजे नौ मिनट के लिए अपने घरों की लाइट बंद करने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि पांच अप्रैल को रात नौ बजे घर की लाइट बंद करके, घर के दरवाजे पर मोमबत्ती, दीया या फ्लैश लाइट जलाएं। उन्होंने कहा कि इस रविवार को हमें संदेश देना है कि हम सभी एक हैं। इससे मोमबत्ती निर्माताओं को उम्मीद है कि उनके उत्पाद की मांग बढ़ेगी। वहीं बिजली विभाग के लिए यह चुनौती से कम नहीं है।
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प्रधानमंत्री द्वारा एलान के बाद सजावटी मोमबत्ती बनाने में महारत रखने वाली लक्की कैंडल इंडिया कंपनी की प्रवर्तक एम सुजाता को लगातार ग्राहकों के फोन आ रहे हैं। इस संदर्भ में सुजाता ने कहा कि, ‘‘लॉकडाउन की वजह से कल तक मोमबत्ती के बारे में कोई पूछ नहीं रहा था लेकिन आज प्रधानमंत्री के भाषण के बाद मोमबत्ती के लिए लगातार फोन आ रहे हैं। हम कल और रविवार को और फोन कॉल आने की उम्मीद कर रहे हैं।’’
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आगे उन्होंने कहा कि, ‘‘हालांकि, मैं स्पष्ट नहीं हूं कि लॉकडाउन की वजह उत्पादन स्थगित होने के बाद मांग के अनुरूप आपूर्ति कर पाएंगे कि नहीं।’’ तेलंगाना राज्य विद्युत पारेषण निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डी प्रभाकर राव ने कहा कि अगर लोग बत्ती बंद करते हैं तो अस्थायी रूप से मांग में 700 मेगावाट की कमी आएगी।
बिजली कंपनियों के सामने संकट
अगर 130 करोड़ देशवासी एक साथ बिजली बंद कर देते हैं और नौ मिनट बाद एक साथ चालू करते हैं तो देश में ब्लैकआउट होने का खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि, बिजली कंपनियों ने पीएम मोदी के नौ मिनट के चैलेंज के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार बिजली क्षेत्र के एक वरिष्ठ कार्यकारी का कहना है कि नौ मिनट की बिजली कटौती को इस तरह से समझा जा सकता है, यह एक चलती हुई कार में अचानक तेज ब्रेक लगाने और फिर एक दम एक्सीलेटर देने जैसा है... यह भविष्यवाणी करना मुश्किल है कि कार वास्तव में कैसे व्यवहार करेगी। यह एक भविष्यवाणी है, लेकिन बहुत अधिक जटिल है और हम सभी इसका सामना कर रहे हैं।