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कोरोनावायरसः तेल की कीमतों में आएगी और कमी, चीन में मांग कम होने से दिखा असर

Sat, 25 Jan 2020 06:24 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Sat, 25 Jan 2020 06:24 PM IST
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petrol diesel prices to fell till this month as coronavirus lowers demand in china
Coronavirus - फोटो : PTI

चीन सहित दुनिया के सात देशों में फैले जानलेवा कोरोनावायरस की वजह से आने वाले दिनों में कच्चे तेल के दाम और गिर सकते हैं। इसका फायदा भारत को भी मिलेगा। ऐसे में अभी अगले महीने तक पेट्रोल डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिलेगी। 

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चार फीसदी गिरा कच्चा तेल

फिलहाल कच्चा तेल चार फीसदी गिरकर 62 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले 13 दिनों में 1.5 रुपये प्रति लीटर की कमी आ चुकी है। चीन द्वारा वुहान प्रांत में लोगों की आवाजाही रोकने और बाकी देशों द्वारा नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी होने के बाद ऐसा लग रहा है कि इसका अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। इससे चीन की विकास दर में और कमजोरी देखने को मिलेगी, जहां पर विश्व की सबसे ज्यादा तेल खपत होती है। 

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी की इमरजेंसी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चीन में इमरजेंसी जारी कर दी है। इससे चीन में आने-जाने वाले विमानों पर भी असर पड़ने लगा है। इससे हवाई ईंधन की मांग भी काफी घट गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने चीन यात्रा करने वाले लोगों के लिए यात्रा परामर्श जारी कर दिया है। साथ में मंत्रालय ने कॉल सेंटर भी शुरू किया है।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि उसने कोरोना विषाणु की स्थिति की निगरानी और इस बीमारी के बारे में किसी भी तरह के सवाल का जवाब देने के लिए चौबीस घंटे सातों दिन चलने वाला कॉल सेंटर शुरू कर दिया है

यात्रा परामर्श जारी करते हुए मंत्रालय ने कहा कि, इस वायरस के फैलने का कारण का अभी तक पता नहीं चल सका है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार कोरोनावायरस इंसानों से इंसानों के बीच फैल सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने इसके वैश्विक प्रसार के जोखिम को कम बताया है।

सार्वजनिक सेवाएं हो गई हैं प्रभावित

चीन ने अपने 15 शहरों के साढ़े चार करोड़ नागरिकों के कहीं आने पर रोक लगा दी है। यह वायरस का खौफ है कि चीन की दीवार के एक हिस्से को बंद कर दिया गया है। यहां की सरकार ने अब तक 41 लोगों के मरने की पुष्टि की है, और प्रभावितों की संख्या 926 के करीब बताई है। वायरस के स्रोत चीन में ऐसे शहरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जहां लोगों के आवागमन पर रोक लगाई जा रही है।

शुक्रवार शाम तक इनकी संख्या 15 हो चुकी थी, इनमें 15 लाख की आबादी वाला शिनताओ, पांच लाख आबादी का चीबी, 24 लाख की आबाद का हुआंग्शी, 64 लाख की आबादी का झिंझाओ शहर प्रमुख हैं। यहां बस, ट्रेन, नौकाओं आदि से लेकर सभी सार्वजनिक यातायात बंद कर दिए गए हैं। इससे सभी प्रकार के ईंधन की मांग में कमी देखने को मिली है। 



करीब 1.12 करोड़ की आबादी वाला हुबई राज्य का प्रमुख शहर वुहान सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है। अधिकतर शहरों में खाद्य पदार्थों और फार्मेसी के अलावा सभी तरह की दुकानें, प्रतिष्ठान और कारोबार बंद हो चुके हैं। कोरोनावायरस के मरीज ऑस्ट्रेलिया (4), नेपाल (1), थाईलैंड (5), अमेरिका (2), ताइवान (1), जापान (2), दक्षिण कोरिया (2), वियतनाम (2), सिंगापुर (3), हांगकांग (2) और मकाऊ (2) आदि 10 देशों में मिल चुके हैं। यूके, भारत सहित कई देशों में संदिग्ध मिल रहे हैं। अकेले चीन में 900 से अधिक मरीज संक्रमित पाए गए हैं तो अन्य देशों में करीब 26 मरीजों का इलाज चल रहा है।

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