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पेट्रोल-डीजल में 14 दिन बाद लगी गिरावट पर रोक, जाने आज क्या रही कीमतें

Wed, 13 Jun 2018 10:48 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 13 Jun 2018 10:48 AM IST
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petrol, diesel prices remain constant after 14 days decline

लगातार 14 दिन की गिरावट के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर रोक लग गई। बुधवार को तेल कंपनियों ने इनकी कीमतों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया और इनको मंगलवार के दामों पर ही रखा। 

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14 दिनों में 2 रुपये सस्ता हुआ पेट्रोल
पिछले 14 दिन में पेट्रोल 2.01 रुपये प्रति लीटर और डीजल 1.47 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ है। मंगलवार की तरह ही बुधवार को भी राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 76.43 रुपये प्रति लीटर और डीजल 67.85 प्रति लीटर पर ठहरा रहा। मंगलवार को पेट्रोल में15 पैसे और डीजल में 11 पैसे प्रति लीटर तक की कटौती हुई थी। वहीं हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 21 पैसे तक प्रति लीटर तक कटौती की गई थी। 
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यह रही चार महानगरों में कीमतें
दिल्ली में पेट्रोल 76.43 रुपये और डीजल 67.85 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, गिरावट के बाद भी मुंबई में पेट्रोल के रेट सबसे ज्यादा हैं, जहां पेट्रोल 84.26 और डीजल 72.24 रुपये प्रति लीटर है। चेन्नई में पेट्रोल 79.33 रुपये व डीजल 71.62 रुपये है। कोलकाता में पेट्रोल 79.10 रुपये और डीजल 70.40 रुपये रहा। 

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नहीं आएगा जीएसटी के दायरे में

petrol, diesel prices remain constant after 14 days decline

केंद्र सरकार फिलहाल उत्पाद शुल्क में किसी तरह की कटौती पर विचार नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस समय राजकोषीय हालात ऐसे नहीं हैं कि इन ईंधनों पर कर में कटौती की जाए।
हालांकि, केरल सरकार ने वैट में एक रुपया प्रति लीटर की कटौती का फैसला कर लिया है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस समय सिर्फ पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए कर से सरकार को साल में करीब ढाई लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है।

इस समय जिस तरह से ढांचागत संरचना के निर्माण के साथ साथ लोक कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च हो रहा है, उसे देखते हुए राजस्व के नए स्रोत खोजने की आवश्यकता है, न कि पुराने स्रोतों को कम करने की। इसके अलावा, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली पर राज्यों को सहमत करने के लिए उनके राजस्व में कमी की सूरत में पांच साल तक आमदनी की भरपाई भी केंद्र सरकार ही करेगी। 

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