मुद्रा: राहत गिरावट के बावजूद 17 देशों की मुद्राओं के मुकाबले रुपये का प्रदर्शन सबसे बेहतर, पढ़िए पूरी रिपोर्ट
रुपया में गिरावट मूल रूप से डॉलर के मजबूत होने, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने के कारण हो रही है। यह आगे भी जारी रह सकती है, क्योंकि कच्चा तेल इस समय 95 डॉलर प्रति बैरल के पार हो चुका है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है।
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डॉलर की तुलना में लगातार गिरावट के बावजूद रुपये का प्रदर्शन 17 देशों की मुद्राओं के मुकाबले बेहतर रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुताबिक, सितंबर में 17 देशों की तुलना में रुपये में सबसे कम 0.62 फीसदी गिरावट आई है। मैक्सिको की मुद्रा में सर्वाधिक 4.80 फीसदी गिरावट रही।
रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर की तुलना में ताईवानी मुद्रा 1.21 फीसदी कमजोर हुई। मलेशियाई मुद्रा 1.46 फीसदी टूट गई। सिंगापुर डॉलर में 1.52 फीसदी गिरावट आई तो ऑस्ट्रेलिया की मुद्रा 1.74 फीसदी और दक्षिण अफ्रीका की मुद्रा 1.78% गिर गई। ब्राजीलियन रीयल 2.15% टूटी जबकि इंडोनेशिया की मुद्रा में 2.18 फीसदी गिरावट आई। तुर्किश लिरा में 2.29 फीसदी व कोरियाई मुद्रा में 2.39% गिरावट सितंबर में दर्ज की गई है। हालांकि, प्रमुख देशों में सिर्फ हांगकांग की मुद्रा ही 0.10 फीसदी मजबूत हुई है।
गिरावट क्यों और क्या होगा असर
रुपया में गिरावट मूल रूप से डॉलर के मजबूत होने, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने के कारण हो रही है। यह आगे भी जारी रह सकती है, क्योंकि कच्चा तेल इस समय 95 डॉलर प्रति बैरल के पार हो चुका है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। इसका असर यह होगा कि विदेशों में खर्च करना या पढ़ाई करना महंगा हो जाएगा। आयातित वस्तुएं महंगी होंगी और निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की ज्यादा कीमतें मिलेंगी।