फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Pay salary, benefits to consumer body members sans delay: SC to states

Supreme Court: 'उपभोक्ता निकायों के सदस्यों को तत्काल वेतन और सुविधाएं दें', कोर्ट का राज्यों को निर्देश

Tue, 11 Mar 2025 02:20 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 11 Mar 2025 02:20 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को राज्य और जिला उपभोक्ता निवारण निकायों के अध्यक्षों और सदस्यों को मौजूदा नियमों के अनुसार वेतन और अन्य भत्तों का तत्काल भुगतान करने को कहा है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

विज्ञापन
Pay salary, benefits to consumer body members sans delay: SC to states
उपासना स्थल कानून पर नई याचिकाओं से सुप्रीम कोर्ट नाराज - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को राज्य और जिला उपभोक्ता निवारण निकायों के अध्यक्षों और सदस्यों को मौजूदा नियमों के अनुसार वेतन और अन्य भत्तों का तत्काल भुगतान करने को कहा है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने केंद्र को भी उपभोक्ता संरक्षण (राज्य आयोग और जिला आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के वेतन, भत्ते और सेवा की शर्तें) मॉडल नियम, 2020 में संशोधन करने पर भी विचार करने का निर्देश दिया।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Indusind: इंडसइंड बैंक का शेयर 25% तक गिरकर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर, जानिए क्या है इस बड़ी गिरावट का कारण

विज्ञापन

बिना पूर्वाग्रह रखें सुविधाएं मुहैया कराएं राज्य: कोर्ट

पीठ ने कहा, "हम सभी राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं कि इन मामलों में उठाए गए विभिन्न विवादों पर कोई पूर्वाग्रह रखे बिना, राज्य के मौजूदा नियमों के अनुसार अध्यक्षों/सदस्यों को वेतन और सुविधाएं तत्काल दें।"  अदालत के इस निर्देश से राज्यों के उपभोक्ता निकायों में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Explainer: अमेरिकी शेयर बाजार में हाहाकार क्यों मचा; बड़े शेयर क्यों गिर रहे, भारत पर क्या असर? जानिए सबकुछ

शीर्ष अदालत ने वेतन व सेवा शर्तों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए निर्देश

अदालत ने कहा कि यदि भारत सरकार की ओर से संभावित संशोधन पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो वह "संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत शक्ति का प्रयोग करने पर विचार करेगी"। शीर्ष अदालत ने 5 मार्च के आदेश में कहा, "यदि राज्य सरकारों की ओर से अनुपालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित पक्ष जानकार न्यायमित्र को इस आशय का एक नोट सौंपने के लिए स्वतंत्र हैं ताकि अदालत उचित आदेश पारित कर सके।" पीठ ने उपभोक्ता मंच के सदस्यों के वेतन और सेवा शर्तों से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed