Biz Updates: उड़ान में देरी पर विमान से बाहर आ सकेंगे यात्री; बीसीएएस ने किया नियमों में बदलाव
विमान में सवार होने के बावजूद अगर उड़ान में ज्यादा देर होती है तो यात्री बाहर आ सकेंगे। यही नहीं, यात्रियों को एयरपोर्ट के प्रस्थान द्वार से बाहर निकलने की भी अनुमति होगी। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने इससे जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। यात्रियों के लिए यह बहुत राहत की बात है, जो भीड़भाड़ व उड़ान में देरी की बढ़ती घटनाओं के चलते बोर्डिंग के बाद लंबे समय तक विमान में फंसे रहते हैं।
बीसीएएस के महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने सोमवार को बताया, 30 मार्च को एयरलाइंस व हवाईअड्डा संचालकों को भेजे दिशा-निर्देश लागू हो गए हैं। अब यात्रियों को बोर्डिंग के बाद या किसी अन्य आपातस्थिति में लंबे समय तक विमान में बैठे रहना नहीं पड़ेगा। दिशा-निर्देश लागू करने के लिए हवाईअड्डा संचालकों को ऐसा बुनियादी ढांचा बनाना होगा, जिससे यात्री प्रस्थान वाले द्वार से आसानी से बाहर निकल सकें। हालांकि, विमान से यात्रियों के उतरने पर अंतिम फैसला संबंधित एयरलाइंस व सुरक्षा एजेंसियां लेंगी।
जियो ने 41.7 लाख नए ग्राहक जोड़े, वोडा आइडिया के घटे
रिलायंस जियो ने जनवरी, 2024 में 41.78 लाख नए मोबाइल ग्राहक जोड़े। इसके साथ ही, उसके मोबाइल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 46.39 करोड़ पहुंच गई। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में भारती एयरटेल के वायरलेस ग्राहकों की संख्या 7.52 लाख बढ़कर 38.24 करोड़ पहुंच गई। हालांकि, वोडाफोन आइडिया के कनेक्शन घटने का सिलसिला जारी है। जनवरी में कंपनी के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 15.2 लाख और घटकर 22.15 करोड़ रह गई।
बायजू ने कर्मचारियों के वेतन भुगतान में फिर किया विलंब
समस्याओं में घिरी शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी बायजू ने अपने कर्मचारियों को वेतन देने में एक बार फिर देरी की है। कर्मचारियों को अभी तक मार्च का वेतन नहीं मिला है। बायजू प्रबंधन ने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में इस स्थिति के लिए अंतरिम आदेश को जिम्मेदार ठहराया है। यह अतंरिम आदेश फरवरी के अंत में कुछ गुमराह विदेशी निवेशकों ने प्राप्त किया। इसके तहत सफल रहे राइट्स इश्यू के माध्यम से जुटाए गए धन के उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है।
बायजू ने कर्मचारियों को यह आश्वासन भी दिया है कि उन्हें आठ अप्रैल तक वेतन देने के लिए प्रयास कर रही है। कंपनी ने ई-मेल में यह भी कहा, हम आज आपको भारी मन से लेकिन उम्मीद और आश्वासन के संदेश के साथ यह लिख रहे हैं। हमें आपको यह बताते हुए दुख हो रहा है कि वेतन के वितरण में फिर से देरी होगी। बायजू में कुछ गुमराह विदेशी निवेशकों ने फरवरी में एक अंतरिम आदेश प्राप्त किया। इसमें सफल राइट्स इश्यू के माध्यम से जुटाए धन के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया गया है। ई-मेल में कहा गया है, चार विदेशी निवेशकों की इस गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई ने हमें प्रतिबंध हटने तक वेतन के वितरण को अस्थायी रूप से रोकने के लिए मजबूर किया है। उसे भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है।
एक दशक में दूसरी बार रिकॉर्ड 27.9 लाख करोड़ का नया निवेश
नया निवेश 2023-24 में 27.9 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह एक दशक में दूसरा रिकॉर्ड है। इससे पहले 2022-23 में यह 38.96 लाख करोड़ रहा था। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी यानी सीएमआईई के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में कंपनियों के निवेश और खपत में अच्छी तेजी बनी रह सकती है।
सीएमआईई के मुताबिक, केंद्र सरकार पूंजीगत खर्च बढ़ा रही है। लेकिन यह हमेशा निजी निवेश के स्तर पर दिखाई नहीं देता है। पिछले वर्ष की तुलना में निवेश कम है, लेकिन कोविड के पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। जीडीपी की वृद्धि 7.8 फीसदी के स्तर पर रहने के साथ यह स्वाभाविक है कि निजी निवेश का भी अच्छा समर्थन मिलेगा। ऐसी उम्मीदें हैं कि वित्त वर्ष 2024 के मुकाबले वित्त वर्ष 2025 में खपत और निवेश दोनों बेहतर रहेंगे। दूसरी व तीसरी तिमाही में सुस्ती के बाद चौथी तिमाही में प्रदर्शन अच्छा रहा है। वित्त वर्ष 2019 से हर बार अंतिम तिमाही में यह बढ़ा है।
एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में कई अहम बाधाएं : विश्व बैंक
विश्व बैंक ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि एशियाई अर्थव्यवस्थाएं उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही हैं जितना वे कर सकती हैं। विश्व बैंक ने क्षेत्र में विकास दर इस साल 2023 के मुकाबले 5.1% से धीमी होकर 4.5% होने का अनुमान भी जताया है।
रिपोर्ट के मुताबिक कर्ज, व्यापार बाधाएं और नीतिगत अनिश्चितताएं क्षेत्र की आर्थिक गतिशीलता को कमजोर कर रही हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया की सरकारों को कमजोर सामाजिक सुरक्षा जाल और शिक्षा में कम निवेश जैसी समस्याओं के समाधान के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत है। रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाएं महामारी से पहले की तुलना में धीमी गति से बढ़ रही हैं।
1,207 करोड़ डॉलर का गुजरात क्रिप्टो घोटाला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुजरात क्रिप्टो घोटाले में मुख्य आरोपी दिव्येश दारजी सहित कई आरोपियों की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 433 करोड़ रुपये की चल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। दारजी ब्रिटेन स्थित बिटकनेक्ट का एशिया प्रमुख है। इस घोटाले में लोगों को उनके निवेश पर भारी रिटर्न पाने का लालच देकर लाखों रुपये की हेराफेरी की गई है।
ईडी ने सोमवार को बताया कि संपत्ति धन-शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गुजरात क्रिप्टो घोटाले में बिटकॉइन, रुपये और डॉलर के तौर पर मौजूद चल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। आईपीसी व गुजरात जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम (जीपीआईडी) के तहत गुजरात पुलिस की सीआईडी की तरफ से दायर एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की, जिसके बाद दिव्येश दारजी, सतीश कुंभानी, शैलेश भट्ट और कई अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मुख्य आरोपी दिव्येश दारजी को 2018 में दिल्ली हवाईअड्डे पर गिरफ्तार किया गया था जब वह दुबई से लौट रहा था। सूरत के अडाजण के निवासी दारजी पर ब्रिटेन की बिटकनेक्ट के जरिये निवेशकों से 1,207 करोड़ डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप है। इसके अलावा दारजी 22,000 करोड़ रुपये के बिटकॉइन घोटाले में भी आरोपी है। बाद में उसके ना पर डेकाडो कॉइन का 1,000 करोड़ रुपये के एक और घोटाले में सामने आया।
फिर राष्ट्रपति बनने की कवायद में जुटे ट्रंप की कंपनी के शेयर फिसले, नेटवर्थ 1 अरब डॉलर घटा
अमेरिका में इस साल के अंत में होने वाले चुनावों के बाद व्हाइट हाउस में नए कार्यकाल की तैयारी में जुटे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए बाजार से एक बुरी खबर है। उनके मीडिया उद्यम, ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके परिणामस्वरूप उनकी कुल संपत्ति में 1 बिलियन अमरीकी डालर का नुकसान हुआ। सीएनएन अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। कंपनी की ओर से निराशाजनक वित्तीय आंकड़े पेश करने के बाद इसके शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार उसे 58 मिलियन अमरीकी डालर से अधिक का नुकसान हुआ है। 2023 में कंपनी ने न्यूनतम राजस्व सृजन किया है। कंपनी में ट्रम्प की मेजॉरिटी ओनरशिप है, जिसके कारण कंपनी का प्रदर्शन सीधे पूर्व राष्ट्रपति की संपत्ति पर असर डालता है। कंपनी के शेयरों में हालिया गिरावट से उनकी संपत्ति में काफी नुकसान हुआ है।