अपनी अठन्नी से भी नीचे गिरा पाकिस्तानी रुपया, 150 रुपये के करीब पहुंची दर
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत अपने अभी तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। भारत के रुपये की तुलना में पाकिस्तानी रुपया अठन्नी से भी नीचे चला गया। फिलहाल एक डॉलर 150 पाकिस्तानी रुपये के करीब मिल रहा है।
148 पर पहुंची कीमत
पाकिस्तानी रुपया गुरुवार को 148 रुपये के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, हालांकि यह फिर 147.10 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पता चल रहा है कि मुल्क की अर्थव्यवस्था किस हाल में है।
बुधवार को था 141 का स्तर
रुपया बुधवार को 141.50 पर बंद हुआ था। लेकिन एक दिन बाद ही यह 6.50 रुपये बढ़कर 148 पर पहुंच गया। बाजार जानकारों का मानना है कि यह अभी और भी गिर सकता है।
नहीं मिल रहा है डॉलर
डॉन अखबार के मुताबिक पूरे देश में फिलहाल डॉलर खरीदने के लिए नहीं मिल रहा है। इसके चलते एक्सचेंज करने वाली कंपनियां भी भारी मात्रा में इसको नहीं दे पा रही हैं।
छह अप्रैल को छुआ था 148 का स्तर
इससे पहले छह अप्रैल को भी पाकिस्तानी रुपये ने 148 के स्तर को छुआ था। इसके साथ ही खाने-पीने के सामान के साथ ही पेट्रोल-डीजल के दामों में भी इजाफा हो गया है, जिससे वहां की अवाम का जीना मुहाल हो गया है। वहीं सरकार ने कहा है कि वो आने वाले दिनों में बिजली और रसोई गैस की कीमतों में भी इजाफा कर देगी।
इस साल लगातार गिरा रुपया
27 फरवरी को पाकिस्तानी रुपया 139 के स्तर बंद हुआ था। गौरतलब है कि उससे एक दिन पहले ही भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को धवस्त किया था।
बढ़ गया चालू खाता घाटा
पाकिस्तान में चालू खाता घाटा भी काफी बढ़ गया है। अब उसके पास विदेशी मुद्रा भंडार भी काफी कम है। रुपये में जारी गिरावट पर स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने कहा है, ''यह बाज़ार में जारी उठा-पटक का नतीज़ा है। हालात पर हमलोगों की नज़र बनी हुई है।
आईएमएफ से लेगा 6 अरब डॉलर का कर्ज
चर्चा है कि इस स्थिति से उबरने के लिए वह आईएमएफ से कर्ज लेगा। इससे पहले उसने 2013 में आईएमएफ से कर्ज लिया था। विशेषज्ञों का कहना है कि आईएमएफ करेंसी की वैल्यू घटाने के लिए कह सकता है। इसलिए पाकिस्तान यह दिखाना चाहता है कि वह पहले से इसकी तैयारी कर रहा है।
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने पीटीआई-भाषा से कहा, बाजार में अफरा-तफरी का माहौल और डालर लिवाली का जोर है, लेकिन इसका समाधान कर लिया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण लेने पर चल रही बातचीत को देखते हुये यह गिरावट आई है।
विदेशी मुद्रा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने हाल ही में मुद्रा कोष से राहत पैकेज की मांग की है। इस पर मुद्रा कोष ने पाकिस्तान से चीन से मिलने वाली वित्तीय सहायता की पूरी जानकारी मांगी है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था की मजबूती के वास्ते ईंधन के दाम बढ़ाने और कर दरों में वृद्धि करने को कहा है।
पाकिस्तान की एक्सचेंज कंपनियों के संघ के महासिचव जफर प्राचा ने कहा कि आईएमएफ के साथ कोई भी समझौता होने से पहले गिरावट जारी रहने की उम्मीद है।