द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 700 अंक तक टूटा, निफ्टी 23000 के नीचे; वीआईएक्स 6% चढ़ा
सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को तेज गिरावट दिखी। सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूटा और निफ्टी 23,000 के नीचे पहुंचा। जानिए बाजार में गिरावट की वजह, इंडिया वीआईएक्स और ग्लोबल मार्केट का हाल।
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को कमजोर शुरुआत की। शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए बाजार में सोमवार सुबह बिकवाली का दबाव दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा नीचे गया, जबकि निफ्टी 23,000 के स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत इंडिया वीआईएक्स में करीब 6% की तेजी से भी मिला।
बाजार में आज इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
शुक्रवार को भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। निफ्टी 50 77.40 अंक यानी 0.34% चढ़कर 23,140.50 पर, जबकि सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.43% बढ़कर 73,895.74 पर बंद हुआ था।
लेकिन सोमवार की शुरुआत में तस्वीर बदल गई। सुबह 9:16 बजे सेंसेक्स 73,295.82 के स्तर पर 599.92 अंक यानी 0.81% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 172.75 अंक यानी 0.75% की गिरावट के साथ 22,967.75 के स्तर र कारोबार करता दिखा। आगे चलकर यह गिरावट 700 अंकों तक पहुंच गई।
भारतीय शेयर बाजार पर कौन-कौन से दबाव हैं?
हाल की बाजार गिरावट के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। इनमें भूराजनीतिक अनिश्चितता, शेयरों का ऊंचा वैल्यूएशन, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और कंपनियों की कमाई की धीमी रफ्तार प्रमुख हैं।
खास तौर पर कच्चे तेल की कीमतें बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए तेल महंगा रहने से आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर बाजार की धारणा पर पड़ता है।
क्या इंडिया वीआईएक्स की तेजी बाजार की चिंता बढ़ा रही है?
इंडिया वीआईएक्स में करीब 6% की बढ़ोतरी बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत दे रही है। वीआईएक्स को आम तौर पर बाजार की अपेक्षित अस्थिरता का संकेतक माना जाता है।
इसका मतलब यह है कि निवेशकों के बीच आने वाले दिनों में बाजार के उतार-चढ़ाव को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। हालांकि, वीआ की तेजी अपने आप में बाजार की दिशा तय नहीं करती।
वैश्विक बाजारों का क्या हाल?
- अमेरिका में एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.4% नीचे
- निक्केई 225 फ्यूचर्स 0.4% नीचे
- जापान का टॉपिक्स 0.2% ऊपर
- ऑस्टेलिया का एसएंडपी एएसएक्स: 0.5% ऊपर
- हॉन्गकॉन्ग का हेंग सेंग: 0.7% ऊपर
- शंघाई कंपोजिट 1.8% नीचे
- यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 0.4% ऊपर
आगे भारतीय शेयर बाजार की चाल कैसी रह सकती है?
निकट अवधि में भारतीय बाजार वोलाटाइल और एक दायरे में रह सकता है, खासकर अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं। हालांकि, घरेलू आर्थिक वृद्धि, संस्थागत निवेश का समर्थन और कंपनियों की कमाई बाजार को सहारा दे सकते हैं। वहीं, भूराजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आने पर बाजार की धारणा में सुधार हो सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर कच्चे तेल, वैश्विक बाजारों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों की आगामी कमाई पर रहेगी।