अगले तीन महीने केवल 13 फीसदी कंपनियों में मिलेगी नौकरियां, लोगों को होगी मुश्किल
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भारत का नौकरी बाजार बदलावों के दौर से गुजर रहा है। आगामी कुछ महीनों में नौकरियां मिलने में मुश्किलें आ सकती हैं। एक सर्वे में कहा गया है कि देशभर के केवल 13 फीसदी नियोक्ताओं के पास ही अगले तीन महीन में नए लोगों को भर्ती करने की योजना है। वहीं, 61 फीसदी अपने कार्यबल में विस्तार की संभावना नहीं देख रहे हैं।
मैनपावरग्रुप के रोजगार परिदृश्य सर्वे के मुताबिक, महज 13 फीसदी नियोक्ताओं को ही अपने कार्यबल को बढ़ाने और 61 फीसदी को इसमें कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है। 26 फीसदी नियोक्ताओं में नए लोगों को नौकरी पर रखने को लेकर अनिश्चितता है। अगर इस स्थिति की तुलना 2018 की जुलाई-सितंबर तिमाही से की जाए तो यह नौकरी पर रखे जाने की उम्मीद में चार फीसदी की मामूली गिरावट दिखाता है।
44 देशों में किया गया सर्वे
यह सर्वे 44 देशों के 59,000 से अधिक नियोक्ताओं से बातचीत पर आधारित है। इसमें 4,951 भारतीय नियोक्ता भी शामिल हैं। मैनपावरग्रुप इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर (विपणन) सिंथिया गोखले ने कहा कि सर्वे में भारत का नौकरी बाजार कुल मिलाकर स्थिर दिख रहा है। हालांकि, अब भी रोजगार की रफ्तार धीमी है।
सेवा क्षेत्र में बढ़त की उम्मीद
सर्वे के मुताबिक, नौकरी बाजार में क्षेत्र के हिसाब से तीसरी तिमाही में सेवा क्षेत्र में बढ़त की उम्मीद है। इस क्षेत्र में रोजगार परिदृश्य 16 फीसदी और खनन एवं निर्माण, थोक एवं खुदरा व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 11 फीसदी रहने की संभावना है। जापान, क्रोएशिया, ताइवान, अमेरिका, ग्रीस ओर स्लोवेनिया में नौकरियों को लेकर मजबूत परिदृश्य है, जबकि हंगरी, अर्जेंटीन, इटली और स्पेन में इसे लेकर कमजोर रुख है।