फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   one year of gst has given many up and down to traders

#जीएसटीएकवर्षः सरकार की नजर में राहत, व्यापारी बोले आफत, तकनीकी दिक्कतों से पूरे साल जूझते रहे लोग

Sun, 01 Jul 2018 10:38 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 01 Jul 2018 10:38 AM IST
विज्ञापन
one year of gst has given many up and down to traders

देश में जीएसटी लागू हुए एक जुलाई को एक साल हो जाएगा। सरकार इसे व्यापारियों के लिए राहत बता रही है तो व्यापारी इसे आफत। व्यापारियों का कहना है कि साल भर में उनका काम-धंधा चौपट हो गया और वे मुनीम बनकर रह गए हैं। धंधे का पूरा समय महज लिखा-पढ़ी में निकल जा रहा है। वहीं, वाणिज्यकर विभाग के अधिकारी कहते हैं, जीएसटी से व्यापारियों को कई तरह की सहूलियतें मिली हैं।

विज्ञापन


व्यापारियों ने किया था विरोध
बता दें, केंद्र सरकार ने देश भर में एकीकृत कर प्रणाली लाने के उद्देश्य से वर्ष 2017 में एक जुलाई को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किया था। इसका व्यापारियों ने पूरजोर विरोध भी किया था। तो सरकार ने भी शुरुआती दौर में व्यापारियों द्वारा जीएसटी में जो खामियां बताई, उसमें सुधार किया। 
विज्ञापन




साल भर में खामियां नहीं हुईं दूर
वहीं, व्यापारियों की मानें तो इस टैक्स प्रणाली के सिस्टम की खामियां साल भर में भी सरकार दूर नहीं कर पाई है। उनका कहना है कि जीएसटी एक उत्तम प्रणाली है, फिर साल भर के भीतर सरकार को इसमें 150 से 200 बार संशोधन क्यों करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज भी रिटर्न दाखिल करने में व्यापारियों के पसीने छूट रह रहे हैं। जीएसटी पोर्टल की खामियां आज भी दूर नहीं हो पाई हैं। ई-वे बिल समेत अन्य प्रोफार्मा डाउनलोड करना डेढ़ी खीर है।

जीएसटी लागू करने से जल्दबाजी में कई खामियां

one year of gst has given many up and down to traders
जीएसटी लागू करने में जल्दबाजी के चलते इसमें कई तरह की खामियां रह गईं। इससे व्यापारी वर्ग एक साल में भी इस सिस्टम से फ्रैंडली नहीं हो पाया है। इस कानून के सरलीकरण के लिए जो प्रयास होने चाहिए थे, वह नहीं किए गए। खासतौर पर तकनीकी खामियां व्यापारियों की परेशानी की सबसे बड़ी वजह है। इसे दूर नहीं किया जा सका है।
-श्याम बिहारी मिश्र, पूर्व सांसद व अध्यक्ष, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल

संसाधनों की कमी से छोटे व्यापारी अधिक परेशान
जीएसटी से सर्वाधिक परेशान छोटे व्यापारी हैं। संसाधनों की कमी के चलते उन्हें कई तरह की दिक्कतें उठानी पड़ रही है। हर महीने रिटर्न दाखिल करने के झंझट से छुटकारा मिलना चाहिए। त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था कर दी जाए तो कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
-अशोक मोतियानी, प्रांतीय महासचिव, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल

तकनीकी दिक्कतें दूर नहीं होने से परेशान रहे व्यापारी
जीएसटी से संबंधित तकनीकी दिक्कतों को दूर न किए जाने से पूरे साल व्यापारी वर्ग परेशान रहा। इस प्रणाली में सभी कार्य ऑनलाइन किए जाने से व्यापारियों की लिखा-पढ़ी बढ़ गई। व्यापारी अब मुनीम बन गया है। व्यापारियों को विश्वास में लिए बगैर जीएसटी लागू करने की वजह से सरकार को बार-बार कानून में संशोधन करना पड़ा रहा है।
-राजेंद्र अग्रवाल, अध्यक्ष, लखनऊ व्यापार मंडल

सब कुछ ऑनलाइन होने से व्यापारियों को मिली सहूलियतें
जीएसटी प्रणाली में सारे काम ऑनलाइन होने से व्यापारियों को काफी सहूलियतें मिली हैं। उन्हें वाणिज्यकर दफ्तर का चक्कर लगाने से मुक्ति मिल गई है। ई-वे बिल व्यवस्था से व्यापारियों को हर राज्य के लिए ई-वे बिल लेने के झंझट से निजात मिल गई है। तकनीकी दिक्कतों को लेकर जो शिकायतें थीं, उसमें काफी हद तक सुधार किया जा चुका है। नए व्यापारियों को रजिस्ट्रेेशन कराने के लिए अब बाबुओं की सिफारिश नहीं करनी पड़ रही है।
 -विवेक कुमार, एडीशनल कमिश्नर (जीएसटी), वाणिज्यकर

जल्द दूर हो जाएंगी समस्याएं
जीएसटी से खास तौर से पुरानी पीढ़ी के व्यापारियों व कारोबारियों को परेशानी आ रही है। फिर भी इसे 90 फीसदी सफलता से लागू किया गया है। सभी चीजें ऑनलाइन होने और कंप्यूटर व इंटरनेट की कम समझ के कारण ही कुछ व्यापारी परेशान हैं। जैसे-जैसे नई पीढ़ी का दखल कारोबार में बढ़ेगा और पुरानी पीढ़ी इंटरनेट की अभ्यस्त होती जाएगी, जीएसटी को लेकर आ रही समस्याएं दूर होने लगेंगी।
-प्रेम शंकर खंडेलवाल, सीए
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed