{"_id":"6828431be3a92277e00bde81","slug":"omcs-losses-on-lpg-expected-to-cut-by-around-45-in-fy26-if-crude-prices-remain-at-usd-65-per-barrel-report-2025-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"LPG Prices: एलपीजी पर तेल कंपनियों का घाटा लगभग 45% तक कम होने की उम्मीद, रिपोर्ट में बताया गया यह कारण","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
LPG Prices: एलपीजी पर तेल कंपनियों का घाटा लगभग 45% तक कम होने की उम्मीद, रिपोर्ट में बताया गया यह कारण
Sat, 17 May 2025 01:35 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 17 May 2025 01:35 PM IST
सार
LPG Prices: केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार घरेलू उत्पादन की तुलना में एलपीजी की खपत तेजी से बढ़ी है। दूसरी ओर, भारतीय रिफाइनर ने मांग को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन में पर्याप्त वृद्धि नहीं की है, जिससे आयात पर निर्भरता बढ़ गई है। रिपोर्ट में आगे क्या है आइए विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन
एलपीजी सिलेंडर
- फोटो : Adobe Stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगर कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहती हैं, तो तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को एलपीजी से होने वाले घाटे में वित्त वर्ष 26 में लगभग 45 प्रतिशत की कमी आ सकती है। केयरएज रेटिंग्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है।
विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार अगले वित्त वर्ष में संचयी एलपीजी अंडर-रिकवरी में काफी कमी आने की संभावना है, जिसका मुख्य कारण उच्च खुदरा कीमतों और कम अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों का मिश्रण है। रिपोर्ट में कहा गया है, "अगर कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहती हैं, तो संचयी रूप से, वित्त वर्ष 26 में एलपीजी अंडर-रिकवरी में 45% की कमी आने की उम्मीद है।" अंडर-रिकवरी तेल कंपनियों को होने वाले घाटे के बारे में बताती है। ये कंपनियां एलपीजी सिलेंडर को उनकी लागत मूल्य से कम पर बेचती हैं, ऐसा घरों में खाना पकाने की गैस को किफायती रखने के लिए किया जाता है।
विज्ञापन
भारत में, लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी खपत घरेलू खाना पकाने के लिए उपयोग की जाती है, जबकि शेष 10 प्रतिशत का उपयोग औद्योगिक, वाणिज्यिक और मोटर वाहन क्षेत्रों में किया जाता है। पिछले दस वर्षों में, घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या दोगुनी हो गई है, जो 1 अप्रैल 2025 तक लगभग 33 करोड़ तक पहुंच गई है।
विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार घरेलू उत्पादन की तुलना में एलपीजी की खपत तेजी से बढ़ी है। दूसरी ओर, भारतीय रिफाइनर ने मांग को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन में पर्याप्त वृद्धि नहीं की है, जिससे आयात पर निर्भरता बढ़ गई है। वित्त वर्ष 25 में, घरेलू एलपीजी की लगभग 60 प्रतिशत जरूरत आयात के जरिए पूरी की गई, जबकि एक दशक पहले यह लगभग 46 प्रतिशत थी।
वित्त वर्ष 25 में, तेल विपणन कंपनियों को 14.2 किलोग्राम प्रति सिलेंडर लगभग 220 रुपये की महत्वपूर्ण एलपीजी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा। इसके परिणामस्वरूप तीन प्रमुख ओएमसी को कुल मिलाकर 41,270 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे उनकी लाभप्रदता पर दबाव पड़ा। हालांकि, खुदरा एलपीजी की कीमतों में हाल ही में 8 अप्रैल, 2025 से प्रभावी 50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी से वित्त वर्ष 26 में अंडर-रिकवरी में 25 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय एलपीजी की कीमतों में भी नरमी आने की संभावना है, क्योंकि एलपीजी के लिए वैश्विक बेंचमार्क सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में मार्च और मई 2025 में गिरावट आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कम कीमतों के कारण यह गिरावट वित्त वर्ष 26 में अंडर-रिकवरी को लगभग 20 प्रतिशत तक कम कर सकती है।
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन