{"_id":"5ca54e0dbdec22140c42c651","slug":"officers-eye-on-gst-registration-applications","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी पंजीकरण के आवेदनों पर अधिकारियों की कड़ी नजर","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी ","slug":"business-diary"}}
जीएसटी पंजीकरण के आवेदनों पर अधिकारियों की कड़ी नजर
Thu, 04 Apr 2019 05:51 AM IST
गौरव द्विवेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Thu, 04 Apr 2019 05:51 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसटी के तहत नए पंजीकरण आवेदनों को आगे बढ़ाने से पहले अधिकारी हर पहलू की सघन जांच करेंगे। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने बुधवार को अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया है। ऐसे कारोबारियों के आवेदनों पर विशेष नजर रखी जाएगी, जिनका पंजीकरण पहले अनुपालन नहीं करने पर निरस्त कर दिया गया था।
विज्ञापन
सीबीआईसी ने अपने निर्देशों में कहा है कि जीएसटी अधिकारी नए पंजीकरण के आवेदनों में दी गई सूचनाओं का विश्लेषण करें। इसमें व्यवसाय के मालिक, निदेशक, संघों की प्रबंधन समिति के सदस्यों, ट्रस्टी बोर्ड के सदस्यों का निरस्त पंजीकरण के साथ मिलान जरूर कर लें। विभाग ने पिछले दिनों अनुपालन नहीं करने की वजह से बड़ी संख्या में पंजीकरण निरस्त किए थे। इसमें से कई कारोबारी बिना पंजीकरण ही व्यवसाय कर रहे हैं और निरस्त पंजीकरण को समाप्त करने का आवेदन करने के बजाए सीधे नए पंजीकरण के लिए आवेदन डाल रहे हैं।
विज्ञापन
कर चोरी की कोशिश
सीबीआईसी का कहना है ऐसे कारोबारियों की मंशा निरस्त हो चुके पंजीकरण के तहत बकाया कर को चुकाने से बचने की है। अगर उन्हें नया पंजीकरण मिल जाएगा तो उन बकाया पुराना कर वसूलने में दिक्कत होगी। दरअसल, जीएसटी के तहत एक ही व्यक्ति एक ही स्थायी खाता संख्या (पैन) के तहत अलग पंजीकरण प्राप्त कर सकता है।
विज्ञापन
जानकारी छुपाई तो आवेदन निरस्त
सीबीआई ने कहा कि नए आवेदनों में अगर पहले के पंजीकरण की जानकारी छुपाई जाती है या संलग्न दस्तावेजों में कमी मिलती है तो कर अधिकारी फॉर्म निरस्त कर सकता है। नए आवेदनों में कारोबारी अक्सर व्यवसाय शुरू करने की तारीख, पंजीकरण का दायित्व सामने आने की तिथि और पंजीकरण पाने की वजह जैसी जानकारियां छुपाते हैं। अधिकारी इस पर भी कड़ी निगाह रखेंगे कि पहले का पंजीकरण किन कारणों से रद्द किया गया था।