निवेश का मौका: IPO लाने की तैयारी कर रही एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी, जानिए पूरी योजना
एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी के आईपीओ के माध्यम से जुटाई जाने वाली राशि का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि फर्म का इक्विटी घटक लगभग 50,000 करोड़ रुपये होगा और बाकी राशि लंबी अवधि के ऋण, ऋण पत्र, बांड और ऐसे अन्य तरीकों से जुटाए जाएंगी।
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साल 2020 में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार गुलजार रहा। तरलता की बेहतर स्थिति तथा निवेशकों की उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के चलते कंपनियों ने पिछले साल आईपीओ के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 2021 में भी आईपीओ बाजार मजबूत रहने की उम्मीद है। आईपीओ बाजार में हलचल अभी खत्म नहीं हुई है। कंपनियां इस साल भी आईपीओ लाने के लिए कतार में खड़ी हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी ने अपनी सहायक इकाई एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को 2022-23 में सूचीबद्ध करने की योजना बनाई है, ताकि वह 60 गीगावॉट के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पाने के लिए धन जुटा सके।
2032 तक 60 गीगावॉट ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य
एक सूत्र ने कहा कि एनटीपीसी आरई ने 2032 तक 60 गीगावॉट ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए कुल 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। सूत्र ने हालांकि एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी के आईपीओ के माध्यम से जुटाई जाने वाली राशि का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि फर्म का इक्विटी घटक लगभग 50,000 करोड़ रुपये होगा और बाकी राशि लंबी अवधि के ऋण, ऋण पत्र, बांड और ऐसे अन्य तरीकों से जुटाए जाएंगी।
पिछले साल अक्तूबर में एनटीपीसी ने एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के नाम से अपने नवीकरणीय ऊर्जा व्यवसाय के लिए एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी का गठन किया था। इस सप्ताह की शुरुआत में एनटीपीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने भी एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को सूचीबद्ध करने का संकेत दिया था।
क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। आईपीओ में पैसा लगाकर निवेशक अच्छे पैसे कमा सकते हैं। पिछले साल कंपनियों ने प्राइमरी मार्केट से 31,000 करोड़ रुपये जुटाए। कुल 16 आईपीओ लॉन्च हुए, जिनमें से 15 की लॉन्चिंग दूसरी छमाही में हुई थी। 2019 के पूरे साल में 16 आईपीओ के जरिए 12,362 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। 2018 में 24 कंपनियों ने आईपीओ से 30,959 करोड़ रुपये जुटाए थे। दरअसल, कोरोना वायरस महामारी घरेलू शेयर बाजार उबरने लगे हैं। इसे देखते हुए कंपनियां लगातार आईपीओ लॉन्च कर रही हैं।