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NSO: चालू वित्त वर्ष में 9.7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी नॉमिनल GDP, कृषि क्षेत्र के प्रदर्शन से मिलेगी राहत

Wed, 08 Jan 2025 05:00 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 08 Jan 2025 05:00 AM IST
सार

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से मंगलवार को जारी 2024-25 के पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक, मौजूदा कीमतों पर जीडीपी का आकार 2023-24 के 295.36 लाख करोड़ से 9.7 फीसदी बढ़कर 2024-25 में 324.11 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। डॉलर मूल्य में अर्थव्यवस्था का आकार चालू वित्त वर्ष में 3.8 लाख करोड़ डॉलर है।

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NSO estimates nominal GDP to grow more than nine percent rate in current financial year
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई

विस्तार

विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन से देश की अर्थव्यवस्था के बढ़ने की रफ्तार चालू वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर भले ही चार साल के निचले स्तर पर आ जाएगी, लेकिन नॉमिनल जीडीपी (मौजूदा कीमतों पर) की वृद्धि दर बढ़कर 9.7 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकती है। 2023-24 में मौजूदा कीमतों पर आर्थिक वृद्धि दर 9.6 फीसदी थी।

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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से मंगलवार को जारी 2024-25 के पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक, मौजूदा कीमतों पर जीडीपी का आकार 2023-24 के 295.36 लाख करोड़ से 9.7 फीसदी बढ़कर 2024-25 में 324.11 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। डॉलर मूल्य में अर्थव्यवस्था का आकार चालू वित्त वर्ष में 3.8 लाख करोड़ डॉलर है। इसका अनुमान 85.7 रुपये प्रति डॉलर के आधार पर लगाया गया है। मौजूदा कीमतों पर सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) 267.62 लाख करोड़ से 9.3 फीसदी बढ़कर 2024-25 में 292.64 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है।
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तर्कसंगत अनुमान...बेहतर रहेगा कुछ क्षेत्रों का प्रदर्शन
रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, एनएसओ के अनुमान तर्कसंगत लगते हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है।

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  • क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने कहा, शहरी अर्थव्यवस्था इस समय उच्च महंगाई और धीमी ऋण वृद्धि की दोहरी चुनौती से जूझ रही है। दूसरी तिमाही में सरकारी खर्च घटने की आगे भरपाई हो पाना भी मुश्किल है।
  • विदेशी ब्रोकरेज कंपनी एचएसबीसी ने कहा, वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में आधिकारिक अनुमान से कम यानी 6.2% रह सकती है।  

निजी अंतिम उपभोग खर्च 7.3 फीसदी बढ़ेगा
स्थिर मूल्य पर निजी अंतिम उपभोग खर्च (पीएफसीई) में 2024-25 के दौरान 7.3 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है, जो 2023-24 में चार फीसदी रही थी। स्थिर मूल्य पर सरकारी अंतिम उपभोग खर्च (जीएफसीई) बीते वित्त वर्ष के 2.5 फीसदी की तुलना में चालू वित्त वर्ष में 4.1 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है।

विनिर्माण समेत इन क्षेत्रों में भी गिरावट का अनुमान
विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में घटकर 5.3 फीसदी रह सकती है। 2023-24 में यह 9.9 फीसदी थी। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार सहित सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर 2023-24 के 6.4 फीसदी की तुलना में कम होकर 5.8 फीसदी रह सकती है।

कृषि क्षेत्र के प्रदर्शन से मिलेगी राहत
दावा किया गया है कि कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन अर्थव्यवस्था के लिए राहत लेकर आ सकता है। कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 3.8 फीसदी पहुंच सकती है। 2023-24 में क्षेत्र 1.4 फीसदी की रफ्तार से बढ़ा था।

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