फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   NSE Snooping Case: Former NSE CEO Ravi Narayan arrested by ED, action taken in money laundering case

NSE Case: एनएसई के पूर्व सीईओ रवि नारायण को ईडी ने किया गिरफ्तार, दो दिनों की ईडी हिरासत में भेजे गए

Wed, 07 Sep 2022 07:27 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Wed, 07 Sep 2022 07:27 PM IST
सार

NSE Case: संघीय जांच एजेंसी ‘को-लोकेशन घोटाला’ मामले और कर्मचारियों के फोन अवैध तरीके से टैप करने के आरोपों से जुड़े दो आपराधिक मामलों के तहत रवि नारायण की भूमिका की जांच कर रही है। अब इस मामले में ईडी ने पूर्व एनएसई एमडी और सीईओ को गिरफ्तार कर लिया है।

विज्ञापन
NSE Snooping Case: Former NSE CEO Ravi Narayan arrested by ED, action taken in money laundering case
रवि नारायण - फोटो : Social Media

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने धनशोधन के एक मामले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के पूर्व प्रबंध निदशेक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रवि नारायण को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है।

विज्ञापन

बता दें कि संघीय जांच एजेंसी ‘को-लोकेशन घोटाला’ मामले और कर्मचारियों के फोन अवैध तरीके से टैप करने के आरोपों से जुड़े दो आपराधिक मामलों के तहत नारायण की भूमिका की जांच कर रही है। समझा जाता है कि नारायण को फोन टैप करने के मामले में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था।

विज्ञापन

ईडी ने इससे पहले एनएसई की एक अन्य पूर्व एमडी एवं सीईओ चित्रा रामकृष्ण को कथित रूप से फोन टैप करने के मामले में गिरफ्तार किया था, जबकि मामले की समानांतर जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें ‘को-लोकेशन’ मामले में गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने कथित अवैध फोन टैपिंग मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे को भी गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन


अप्रैल 1994 और मार्च 2013 के बीच NSE के एमडी और सीईओ रहे रवि नारायण 
रवि नारायण अप्रैल 1994 और मार्च 2013 के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचजेंस (NSE) के एमडी और सीईओ रहे थे। अप्रैल 2013 में उनकी नियुक्ति नॉन एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन के रूप में हुई थी। उन्होंने वाइस चेयरमैन के रूप में जून 2017 तक काम किया था। 

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कर्मचारियों की फोन टैपिंग करने का है आरोप 
रवि नारायण पर वर्ष 2009 से 2017 तक एनएसई के कर्मचारियों का गैरकानूनी तरीके से फोन टैप करने का आरोप है। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने एनएसई की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण और मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे के खिलाफ इसी वर्ष 14 जुलाई को इस मामले में कार्रवाई कर केस दर्ज किया था। इससे पहले सीबीआई इन तीनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी थी।

हिमालय पर योगी के साथ साझा की गई स्टॉक एक्सचेंज से जुड़ी अहम जानकारी 
यह मामला सामने आने के बाद तत्कालीन NSE की प्रमुख चित्रा रामकृष्ण ने ये कहकर सनसनी फैला दी थी कि वे एनएसई (National Stock Exchange) से जुड़ी जरूरी और गोपनीय जानकारी हिमालय पर मौजूद एक योगी के साथ साझा कर रहीं थीं। बाद में उस तथाकथित योगी की पहचान उनके ही एक पूर्व सहयोगी के तौर पर ही हुई, जिसे उन्होंने मोटी तनख्वाह पर नियुक्त किया था। गौरतलब है कि सेबी ने चित्रा रामकृष्ण पर गोपनीय जानकारियों को लीक कर दूसरों से साझा करने का आरोप लगाया था


दो दिनों की ईडी की कस्टडी में भेजे गए 
दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व एमडी और सीईओ रवि नारायण को स्टॉक एक्सचेंज के कर्मचारियों पर कथित अवैध फोन टैपिंग और जासूसी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दो दिनों के लिए प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया है। विशेष न्यायाधीश सुनेना शर्मा ने ईडी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें नारायण को नौ सितंबर तक हिरासत में रखने की मांग की गई थी।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed