सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद डिजिटल के बजाए देश में बढ़ा नोट सर्कुलेशन
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार हमेशा से ही डिजिटल लेन-देन पर जोर देती आई है। स्वाधीनता दिवस के भाषण में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नकद के बजाए डिजिटल लेन-देन पर जोर दिया था। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार कदम उठाती आई है, लेकिन लाख कोशिश के बाद भी बाजार में नोट के सर्कुलेशन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
सर्कुलेशन में 21.61 लाख करोड़ रुपये
पिछले साल जुलाई में 19.1 लाख करोड़ रुपये सर्कुलेशन में थे। इस साल 19 जुलाई को यह आंकड़ा 21.61 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी एक साल में नोट के सर्कुलेशन में 2.51 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। एक साल की तुलना करें, तो यह आंकड़ा बढ़ा है। लेकिन पिछले दो महीनों में यह कम हुआ है।
देश में बढ़ा नोट सर्कुलेशन
भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मई माह के आखिर में 21.71 लाख करोड़ रुपये बाजार में सर्कुलेट हो रहे थे। नोटबंदी के समय की अगर वर्तमान से तुलना की जाए, तो देश में नोट सर्कुलेशन काफी बढ़ा है।
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एटीएम से लेन-देन की संख्या बढ़ी
हालांकि केंद्रीय बैंक के अनुसार, एटीएम की संख्या कम हुई है। इसके बावजूद कैश निकालने के लिए लेन-देन बढ़ा है। सितंबर 2016 में एक एटीएम से रोजाना जहां 121 लेन-देन होते थे, वह अप्रैल में 2019 में 130 हो गए।
बता दें कि देश में सिर्फ डिजिटल लेन-देन ही नहीं, बल्कि कैश से होने वाला लेन-देन भी काफी बढ़ा है। गोवा और केरल जैसे विकसित राज्यों में जहां कैश की मांग कम है, वहीं अधिक जनसंख्या वाले राज्यों में कैश की मांग बढ़ी है। इसके साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर, इंश्योरेंस और ज्वेलरी सेक्टर में भी कैश की मांग बढ़ी है।