Railway: नौकरी के लिए परदेस जाने वालों को रेलवे देगी खुशखबरी, जानें क्या है वेटिंग लिस्ट से निपटने का प्लान
Railway: अधिकारियों ने कहा कि नई ट्रेनें चलाने का निर्णय एक अध्ययन के बाद लिया गया जिसमें उन राज्यों की पहचान की गई जहां कम आय वाले और समूह में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा थी। इन राज्यों में टिकट लंबे समय तक प्रतीक्षा सूची में रहते थे।
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रेलवे बोर्ड अपनी नियमित समय सारिणी के तहत देशभर में प्रवासी कामगारों और श्रमिकों जैसे निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए गैर वातानुकूलित, सामान्य श्रेणी की ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है। रेलवे के एक वरीय अधिकारी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। आमतौर पर इस तरह की स्पेशल ट्रेनें त्योहार के समय या गर्मियों में चलाई जाती हैं जब छुट्टियों के मौसम के कारण भीड़ होती है। हालांकि, अब सरकार स्थायी तौर पर ऐसी नई ट्रेनें चलाने की योजना बना रही है।
वेटिंग लिस्ट टिकटों की समस्या से निपटने के लिए सरकार बना रही प्लान
अधिकारियों ने कहा कि नई ट्रेनें चलाने का निर्णय एक अध्ययन के बाद लिया गया जिसमें उन राज्यों की पहचान की गई जहां कम आय वाले और समूह में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा थी। इन राज्यों में टिकट लंबे समय तक प्रतीक्षा सूची में रहते थे। जिन राज्यों से ज्यादा लोग काम करने बाहर जाते हैं, ऐसे राज्यों में ऐसे ट्रेनों की अधिक आवश्यकता महसूस हुई। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब यात्री ट्रेनों में भीड़भाड़ का मुद्दा यात्रियों की ओर से विशेष रूप से सोशल मीडिया पर चर्चा में रहता है।
जनवरी 2024 से चलेंगी नई ट्रेनें, प्रवासी श्रमिकों को मिलेगा फायदा
रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नई ट्रेनों के जनवरी 2024 से चलने की संभावना है। ये ट्रेनें गैर वातानुकूलित एलएचबी कोच की होंगी और इनमें केवल स्लीपर और जनरल क्लास की बोगियां होंगी। रेलवे ने अभी तक इन नई तरह की ट्रेनों का नाम तय नहीं किया है। इससे पहले, कोरोनोवायरस संकट के दौरान रेलवे ने श्रमिकों के उनके मूल स्थानों पर लौटने के लिए प्रवासी विशेष ट्रेनें चलाई थीं।
यूपी, बिहार और बंगाल समेत इन राज्यों से चलेंगी नई ट्रेनें
रेलवे बोर्ड के अनुसार, नई विशेष ट्रेनों की योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, असम, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के लिए बनाई जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि इन राज्यों से अधिकांश कुशल-अकुशल श्रमिक, कारीगर, मजदूर और अन्य लोग काम के लिए महानगरों और बड़े शहरों में जाते हैं। इन लोगों के लिए ऐसी ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनमें केवल स्लीपर-जनरल क्लास के कोच लगाए जाएंगे।
नई नन एसी-स्लीपर ट्रेनों में कम से कम 22 और अधिकतम 26 कोच होंगे
एक अधिकारी ने कहा, ''प्रवासी विशेष ट्रेनों में न्यूनतम 22 से लेकर अधिकतम 26 कोच होंगे। इन्हें मौसमी के बजाय पूरे साल स्थायी रूप से चलाया जाएगा।" इन ट्रेनों को नियमित समय सारिणी में भी शामिल किया जाएगा, जिससे यात्री पहले से इन ट्रेनों में आरक्षण करा सकेंगे। दूसरी ओर, अधिकारियों ने यह भी कहा है कि भारतीय रेलवे को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए, अब केवल दो प्रकार के कोचों को सेवा में रखा जाएगा ये कोच एलएचबी कोच और वंदे भारत कोच कोच होंगे। वर्तमान में सेवा में 28 प्रकार के कोच हैं। एक अधिकारी ने कहा, "इससे मरम्मत की लागत घटेगी और यात्रा सस्ती हो जाएगी।"