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किसानों के लिए बड़ी खबर: यूरोप से एफटीए में दूध, गेहूं और चावल पर कोई टैक्स छूट नहीं देगी सरकार, जानें अपडेट

Wed, 28 Jan 2026 10:46 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 28 Jan 2026 10:46 PM IST
सार

भारत-ईयू व्यापार समझौते में किसानों को बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने डेयरी, चावल और गेहूं पर आयात शुल्क घटाने से इनकार किया है। जानिए कैसे चाय, मसाले और समुद्री उत्पादों के निर्यात को मिलेगा यूरोप में बूस्ट।

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No duty cut by India on dairy, rice, wheat, pulses, GM goods under FTA with EU
भारत-ईयू एफटीए - फोटो : amarujala.com

विस्तार

वाणिज्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि यूरोपीय संघ के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते में भारत ने अपने किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया है। सरकार ने डेयरी, चावल, गेहूं, दालें और जेनेटिकली मॉडिफाइड वस्तुओं जैसे संवेदनशील सेक्टर्स को पूरी तरह सुरक्षित रखा है और इन पर यूरोप को आयात शुल्क में कोई कटौती नहीं दी है।

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छोटे किसानों को सुरक्षा कवच मंत्रालय के मुताबिक, बीफ, पोल्ट्री, मछली, पनीर, मक्का, फल-सब्जियां, खाद्य तेल और मसालों जैसे क्षेत्रों को भी इस समझौते में सुरक्षित रखा गया है. यह फैसला छोटे और सीमांत किसानों की रोजी-रोटी को ध्यान में रखकर लिया गया है। एक अधिकारी ने जोर देकर कहा, "भारत ने अपने पिछले किसी भी मुक्त व्यापार समझौते में डेयरी सेक्टर को शुल्क में छूट नहीं दी है और हम इस सेक्टर को हमेशा सुरक्षित रखेंगे"।
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भारत को क्या फायदा मिलेगा? 
भले ही भारत ने अपने बाजार को बचाया हो, लेकिन भारतीय सामान को यूरोप में बड़ी एंट्री मिलने वाली है:

  • कृषि उत्पाद: चाय, कॉफी, मसाले और अंगूर जैसे कृषि उत्पादों की करीब 87% कैटेगरी को यूरोपीय बाजार में तरजीही एंट्री मिलेगी, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
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  • समुद्री उत्पाद: यूरोप समुद्री उत्पादों पर लगने वाली मौजूदा 0-26% तक की ड्यूटी को कम करेगा। इससे 4.67 लाख करोड़ रुपये (53.6 अरब डॉलर) के विशाल यूरोपीय मरीन मार्केट में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी।

कब लागू होगा समझौता? 
भारत और यूरोपीय संघ ने इस समझौते के लिए बातचीत पूरी कर ली है और उम्मीद है कि इसी साल इस पर हस्ताक्षर होकर इसे लागू कर दिया जाएगा. बता दें कि यूरोप ने भी अपने मांस, डेयरी, शहद और चीनी जैसे सेक्टर्स को सुरक्षित रखा है।


 

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