निवेश मंत्रा: पीएफ दावा खारिज होने से बचने के उपाय, ईपीएफओ पोर्टल पर यह जानकारी हर समय समय-समय पर करें अपडेट
एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर तीन में से एक पीएफ निकासी का दावा खारिज हो रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि निकासी के समय आप जो जानकारी दे रहे हैं, उनमें गलतियां हैं। ऐसे में निकासी का दावा करने से पहले प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। पीएफ दावा करने के सही तरीके का गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-
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विस्तार
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) निकासी के दावे को तब खारिज करता है, जब दी गई जानकारी उसके डाटाबेस की जानकारी से मेल नहीं खाती है। इनमें नाम, जन्मतिथि या यहां तक कि अधूरे केवाईसी रिकॉर्ड भी दावा खारिज का कारण बन सकते हैं। इसलिए, किसी भी अस्वीकृति या देरी से बचने के लिए दावा दायर करने से पहले कुछ कदम उठाएं। दावा दायर करने से पहले ईपीएफओ के सदस्य सेवा पोर्टल पर कुछ जानकारी की जांच करनी चाहिए।
हर समय जानकारी अपडेट करें
ईपीएफ दावा अभी करें या भविष्य में, आपको ईपीएफओ पोर्टल पर कुछ जानकारी हर समय अपडेट करनी चाहिए। इससे निकासी दावे की आसान प्रक्रिया के साथ नौकरी बदलते समय खाते के ट्रांसफर में भी मदद मिलेगी।
- जॉब का विवरण: संस्थानों से जुड़ने व छोड़ने की तारीखें, नियोक्ता विवरण और सेवा में कोई अंतराल शामिल है।
- यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन): इसे सक्रिय करके वर्तमान कंपनी विवरण के साथ अपडेट करें।
- बैंक खाता: खाता संख्या, आईएफएससी जांचें व सत्यापित करें। गलत बैंक विवरण दावा खारिज होने का सामान्य कारण है।
- आईडी व पते के प्रमाण: ईपीएफओ रिकॉर्ड के मुताबिक हो। इसमें नाम, जन्मतिथि व पिता का नाम समेत अन्य शामिल हैं। इसकी जांच के लिए सदस्य सेवा पोर्टल पर जा सकते हैं।
रिकॉर्ड में तुरंत करें सुधार
उपरोक्त रिकॉर्ड अपडेट नहीं हैं, तो तुरंत सुधार करना चाहिए। इससे दावा दायर करते समय परेशानी से बचने में मदद मिलेगी। इन सूचनाओं के ईपीएफओ रिकॉर्ड में अपडेट होने के बाद दावा दायर करने से पहले निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए।
दावे के प्रकार के लिए उपयुक्त फॉर्म चुनें। उसे सही-सही भरें। खाता ट्रांसफर और निकासी के फॉर्म अलग-अलग हैं। निकासी के लिए पात्रता की जांच करें, क्योंकि निकासी के विभिन्न उद्देश्यों के लिए अलग-अलग शर्तें हैं। यह भी जांच करें कि फॉर्म पूरी तरह और सही तरीके से भरा गया है। कैंसल चेक, आईडी, पता प्रमाण व अन्य संबंधित दस्तावेज के साथ भरे फॉर्म को जमा करें। अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) जैसे आधार, पैन और बैंक खाता विवरण अपडेट करें। इसे ईपीएफ खाते से लिंक करें। ईपीएफओ सदस्यों को सेवा पोर्टल पर ही दावा दाखिल करने की अनुमति देता है। इनसे दावे को खारिज होने की संभावना कम हो जाती है। दावों, खाते के ट्रांसफर और केवाईसी डिजिटल तरीके से अपडेट कर सकते हैं।
ईपीएफओ का लक्ष्य क्लेम करने के 20 दिनों के भीतर निकासी दावों को निपटाना है। ईपीएफओ कुछ मामलों में दावे और अन्य विवरणों के सत्यापन के लिए बैंकर और नियोक्ता के साथ बैंक रिकॉर्ड का सत्यापन करता है। -पंकज कदम, टैक्स सलाहकार