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Foxconn Row: विवाहित महिलाओं को नौकरी नहीं देने की खबरों पर एनएचआरसी सख्त, केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस
Mon, 01 Jul 2024 07:04 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 01 Jul 2024 07:04 PM IST
सार
Foxconn Row: फॉक्सकॉन इंडिया की ओर से तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर स्थित अपने आईफोन असेंबली प्लांट में विवाहित महिलाओं को नौकरी नहीं दिए जाने की खबरों पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सोमवार को केंद्र और राज्य सरकार सरकार को नोटिस जारी किया।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एपल उत्पाद बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन इंडिया की ओर से तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर स्थित अपने आईफोन असेंबली प्लांट में विवाहित महिलाओं को नौकरी नहीं दिए जाने की खबरों पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सोमवार को केंद्र और राज्य सरकार सरकार को नोटिस जारी किया।
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आयोग ने कहा कि अगर मीडिया की खबरें सही हैं तो यह विवाहित महिलाओं से भेदभाव का गंभीर मुद्दा है। इससे समानता और समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन होता है। इसलिए आयोग ने केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्रालय के सचिव और तमिलनाडु सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है कि राज्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी कंपनियां स्वास्थ्य, गरिमा और समानता के अधिकारों सहित मानदंडों, नियमों और संबंधित श्रम कानूनों का पालन करें।
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इसमें कहा गया है कि संविधान के अलावा, कई अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदाएं और संधियां जैसे अंतर्राष्ट्रीय नागरिक और राजनीतिक अधिकार (आईसीसीपीआर) और आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक अधिकारों से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय अनुबंध (आईसीईएससीआर) भी सभी प्रकार के रोजगार में लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करने का प्रावधान करते हैं। कंपनी के पूर्व कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रकाश डालते हुए कि फॉक्सकॉन इंडिया ने भर्ती एजेंसियों को इस संबंध में मौखिक निर्देश दिए थे।
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एनएचआरसी ने इस आरोप पर भी संज्ञान लिया कि कंपनी सांस्कृतिक मुद्दों और सामाजिक दबाव के कारण विवाहित महिलाओं को काम पर नहीं रखती है। एनएचआरसी की कार्रवाई पिछले हफ्ते मीडिया रिपोर्टों के खुलासे के बाद आई है। खबरों में दावा किया गया था कि कंपनी में नौकरी चाहने वालों से जनवरी 2023 और इस साल मई के बीच संपर्क किया गया था। उन्होंने खुलासा किया कि केवल अविवाहित महिलाएं ही कंपनी की असेंबली लाइन पर नौकरियों के लिए पात्र थीं, जबकि कंपनी के विज्ञापनों में ऐसी किसी भी नीति का कोई उल्लेख नहीं था।
एनएचआरसी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "समाचार रिपोर्ट में एक विवाहित उम्मीदवार और कंपनी की भर्ती एजेंसी के बीच एक व्हाट्सएप चैट का भी हवाला दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि जब उम्मीदवार ने कंपनी की ओर से दी जाने वाली सैलरी और चाइल्डकेयर सुविधा के बारे में पूछा, तो जवाब मिला 'शादी की अनुमति नहीं है'।" उधर, कंपनी ने वैवाहिक स्थिति, लिंग, धर्म या किसी अन्य आधार पर रोजगार में भेदभाव के सभी आरोपों से इनकार किया है।