Biz Updates: एनएफआरए ने ऑडिट फर्म पर लगाया ₹10.75 करोड़ का जुर्माना, धान-दलहन की बुवाई का रकवा 6% बढ़ा
Business News and Updates: राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने 2018-19 के लिए कॉफी डे एंटरप्राइजेज के ऑडिट में खामियों के लिए बीएसआर एंड एसोसिएट्स एलएलपी सहित तीन संस्थाओं पर 10.75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इन फर्मों को अलग-अलग अवधि के लिए प्रतिबंधित भी किया है।
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राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने 2018-19 के लिए कॉफी डे एंटरप्राइजेज के ऑडिट में खामियों के लिए बीएसआर एंड एसोसिएट्स एलएलपी सहित तीन संस्थाओं पर 10.75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इन फर्मों को अलग-अलग अवधि के लिए प्रतिबंधित भी किया है। यह मामला कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड (सीडीईएल) की सात सहायक कंपनियों से 3,535 करोड़ रुपये मैसूर अमलगमेटेड कॉफी एस्टेट लिमिटेड (एमएसीईएल) में डायवर्ट करने से संबंधित है। एमएसीईएल सूचीबद्ध इकाई कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड (सीडीईएल) की सहायक कंपनी है। बाजार नियामक सेबी की ओर से फंड के डायवर्जन के संबंध में अपनी जांच रिपोर्ट साझा करने के बाद, एनएफआरए ने सीडीईएल के वैधानिक लेखा परीक्षकों के पेशेवर आचरण की स्वत: जांच की थी।
बीआईएस ने राष्ट्रीय मानकों जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरू किया हैकाथॉन
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने मंगलवार को इंटरैक्टिव गतिविधियों और खेलों के माध्यम से भारतीय मानकों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक ऑनलाइन मंच डेवलप के लिए एक नए हैकथॉन की घोषणा की। यह प्रतियोगिता उन संस्थानों के छात्रों के लिए खुली है, जिनके पास बीआईएस के साथ मौजूदा समझौता ज्ञापन (एमओयू) हैं। प्रतिभागी 23 अगस्त तक आधिकारिक हैकथॉन पोर्टल के माध्यम से इससे जुड़े दिशा-निर्देश प्राप्त कर सकते हैं और आवेदन जमा कर सकते हैं।
धान, दलहन की बुवाई का रकवा अब तक 6 प्रतिशत बढ़ा
कृषि मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि चालू 2024-25 खरीफ (ग्रीष्म) सत्र में अब तक धान का रकबा छह फीसदी बढ़कर 369.05 लाख हेक्टेयर हो गया है। एक साल पहले की अवधि में धान का रकबा 349.49 लाख हेक्टेयर था। मुख्य खरीफ फसल धान की बुवाई जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ शुरू होती है और सितंबर से कटाई होती है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चालू सीजन के 20 अगस्त तक दलहन की बुवाई का रकबा बढ़कर 120.18 लाख हेक्टेयर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 113.69 लाख हेक्टेयर था।
रॉयल्टी और करों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित होंगी खनन कंपनियां: मूडीज
मूडीज रेटिंग्स ने कहा है कि खनन पर रॉयल्टी और करों से जुड़ा सुप्रीम कोर्ट का फैसला टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड जैसी खनन कंपनियों के लिए क्रेडिट नेगेटिव साबित होगा, क्योंकि इससे उनके नकदी प्रवाह में कमी आएगी और उनकी लाभप्रदता प्रभावित होगी। खनिज समृद्ध राज्यों को एक बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को खनिज युक्त भूमि पर कर वसूलने का अधिकार दिया था।
बायजू के कर्मचारियों को नहीं मिला जुलाई का वेतन
खरीफ सीजन में कुल बुवाई 10.31 करोड़ हेक्टेयर के पार
मोटे अनाज और श्री अन्न (बाजरा) का रकबा पिछले साल की समान अवधि के 1.76 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर 1.81 करोड़ हेक्टेयर पर पहुंच गया है। मोटे अनाजों में मक्के का रकबा 81.25 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 87.23 लाख हेक्टेयर हो गया है। तिलहनों की बुवाई का रकबा मामूली बढ़कर 1.87 करोड़ हेक्टेयर हो गया है, जो एक साल पहले 1.85 लाख हेक्टेयर था।
कॉफी डे के ऑडिटर सहित तीन पर 10.75 करोड़ जुर्माना
नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी ने कॉफी डे ऑडिटर बीएसआर एवं एसोसिएट्स सहित अरविंद माइया और अमित सोमानी पर 10.75 करोड़ का जुर्माना लगाया है। यह दंड 2018-19 में तमाम खामियों के कारण लगा है। इस दौरान कंपनी ने सात सब्सिडियरी के जरिये 3,535 करोड़ रुपये का गबन किया था। ऑडिटर पर 10 करोड़, अरविंद पर 50 लाख और अमित पर 25 लाख का जुर्माना लगा है। अरविंद और अमित को 10 एवं 5 साल तक ऑडिट करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बाजार में घरेलू निवेशकों का रिकॉर्ड हिस्सा, FII का 12 साल में सबसे कम
घरेलू निवेशकों की लगातार बढ़ती हिस्सेदारी से पता चलता है कि भारतीय शेयर बाजार अधिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। घरेलू निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से भारतीय शेयर बाजारों की विदेशी निवेशकों के फैसलों पर निर्भरता भी घट रही है। 30 जून, 2024 तक भारतीय शेयर बाजारों में घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 25.85 फीसदी के सार्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की हिस्सेदारी कम होकर 12 साल के निचले स्तर पर आ गई है।
प्राइम डाटाबेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जून तिमाही के दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की बाजार में हिस्सेदारी बढ़कर 16.23 फीसदी पहुंच गई। मार्च तिमाही में यह 16.07 फीसदी रही थी। इसके विपरीत, एफआईआई ने जून तिमाही के दौरान भारतीय शेयर बाजार से 7,693 करोड़ रुपये के निकासी की, जिससे उनकी हिस्सेदारी मार्च तिमाही के 17.72 फीसदी से घटकर 12 साल के निचले स्तर 17.38 फीसदी पर आ गई।