GST Reforms: 'जीएसटी में सुधार अर्थव्यवस्था को पारदर्शी बनाएंगे', चेन्नई में बोलीं वित्त मंत्री सीतारमण
GST Reforms: वित्त मंत्री ने बताया है कि पिछले 11 वर्षों में 56 करोड़ जनधन खाते खोले गए, जिनमें कुल जमा राशि 2.68 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि 67 प्रतिशत जन धन खाते ग्रामीण, अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए। 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं। वित्त मंत्री ने आगे क्या कहा, आइए विस्तार से जानते हैं।
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जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था को खुला और पारदर्शी बनाएंगे। इसके साथ ही इसके अमल में आने से अनुपालन का बोझ भी घटेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को चेन्नई में यह बात कही। वित्त मंत्री सिटी यूनियन बैंक के 120वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रहीं थीं। कार्यक्रम के दोश्रान राष्ट्रपति द्रौपदी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं।
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में 56 करोड़ जनधन खाते खोले गए, जिनमें कुल जमा राशि 2.68 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि 67 प्रतिशत जन धन खाते ग्रामीण, अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए। 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि 18 वर्षों में पहली बार एसएंडपी की ओर से भारत की दीर्घकालिक साॅवरेन क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण ने बताया कि भारतीय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने अपनी परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में भी काफी सुधार किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था को खुला और पारदर्शी बनाएंगे व अनुपालन बोझ में कमी लाएंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से खुला और पारदर्शी बनाएंगे, जिससे अनुपालन बोझ में और कमी आएगी और छोटे व्यवसायों को लाभ होगा।
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। इसमें विनियमों को सरल बनाने, अनुपालन लागत कम करने और स्टार्टअप्स, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और उद्यमियों के लिए अधिक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए स्पष्ट अधिकार दिए गए हैं।
सीतारमण ने कहा, "कल और परसों होने वाली परिषद की बैठक के साथ अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों की योजनाबद्ध शुरुआत से आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खुली और पारदर्शी हो जाएगी और अनुपालन बोझ में और कमी आएगी। इसमें छोटे व्यवसायों के लिए फलना-फूलना आसान हो जाएगा।" सीतारमण ने यह भी बताया कि भारतीय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी भारी सुधार हुआ है।
डिजिटल साक्षरता और वित्तीय जागरूकता के मामले में कई चुनौतियां बरकरार: राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में प्रगति के बावजूद जनता के बीच डिजिटल साक्षरता और वित्तीय जागरूकता के मामले में अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुर्मू ने तमिलनाडु स्थित सिटी यूनियन बैंक के 120वें स्थापना दिवस समारोह में कहा कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण बैंकिंग क्षेत्र की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैंक और वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां वंचित समुदायों के लिए उपयोगकर्ता-अनुकूल मोबाइल एप्लिकेशन और बीमा उत्पाद प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान बैंकों, डिजिटल वॉलेट और बैंकिंग संवाददाताओं ने वित्तीय सेवाओं को दूरदराज के गांवों तक पहुंचा दिया है।
मुर्मू ने कहा कि इस क्षेत्र में प्रगति के बावजूद डिजिटल साक्षरता, इंटरनेट पहुंच और वित्तीय जागरूकता के संदर्भ में कई चुनौतियां बनी हुई हैं। उन्होंने कहा, "सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयासों से लोगों को प्रौद्योगिकी, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं के साथ बेहतर ढंग से एकीकृत किया जा सकता है।" इसके अलावा, बैंक एमएसएमई को विकास के इंजन में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।