फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Net Direct Tax Collections Direct Tax Collection Rise Income Tax Collections Private Corporates Tax Collection

प्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछाल: ₹18.38 लाख करोड़ पर पहुंचा आंकड़ा, व्यक्तिगत करदाता कॉरपोरेट्स से आगे

Mon, 12 Jan 2026 08:15 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 12 Jan 2026 08:15 PM IST
सार

India Direct Tax Data: 11 जनवरी तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹18.38 लाख करोड़ पहुंचा। रिफंड में 17% की गिरावट। व्यक्तिगत करदाताओं ने कॉरपोरेट्स से ज्यादा टैक्स दिया। आइए इस बारे में विस्तार से जानें। 

विज्ञापन
Net Direct Tax Collections Direct Tax Collection Rise Income Tax Collections Private Corporates Tax Collection
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

चालू वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार के राजस्व संग्रह के मोर्चे पर स्थिर वृद्धि के संकेत मिले हैं। आयकर विभाग द्वारा सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 11 जनवरी तक देश का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.82 प्रतिशत बढ़कर 18.38 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

विज्ञापन


यह आंकड़ा सरकार की वित्तीय सेहत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि बजट लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कर संग्रह की गति का बने रहना आवश्यक है। हालांकि, रिफंड जारी करने की धीमी गति ने भी शुद्ध संग्रह के आंकड़ों को सहारा दिया है।

विज्ञापन

व्यक्तिगत करदाताओं और कॉरपोरेट्स के क्लेक्शन में क्या फर्क?

ताजा आंकड़ों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचएयूएफ) का योगदान कंपनियों की ओर से चुकाए गए टैक्स से अधिक रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
  • नॉन-कॉरपोरेट टैक्स: व्यक्तिगत करदाताओं और HUFs से प्राप्त कर 9.30 लाख करोड़ रुपये रहा।
  •  कॉरपोरेट टैक्स: शुद्ध कॉरपोरेट टैक्स संग्रह 8.63 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

यह ट्रेंड दिखाता है कि व्यक्तिगत आय कर अनुपालन में सुधार हुआ है और अर्थव्यवस्था में संगठित कार्यबल का योगदान बढ़ रहा है।

टैक्स रिफंड की क्या स्थिति?

शुद्ध संग्रह में वृद्धि का एक बड़ा कारण टैक्स रिफंड में आई कमी भी है। आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षा की अवधि (1 अप्रैल से 11 जनवरी) के दौरान रिफंड जारी करने में 17 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह आंकड़ा 3.12 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, अगर रिफंड समायोजन से पहले के कुल आंकड़ों यानी सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह की बात करें, तो इसमें 4.14 प्रतिशत का इजाफा हुआ। 11 जनवरी तक सकल संग्रह लगभग 21.50 लाख करोड़ रुपये रहा।

एसटीटी संग्रह और बाजार की भागीदारी पर क्या अपडेट?

शेयर बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने भी सरकारी खजाने को भरने में भूमिका निभाई है। प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) का संग्रह 1 अप्रैल से 11 जनवरी के बीच 44,867 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, यह अब भी यह पूरे साल के लक्ष्य से काफी दूर है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए STT से 78,000 करोड़ रुपये जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। शेष वित्त वर्ष में बाजार की चाल यह तय करेगी कि यह लक्ष्य पूरा हो पाता है या नहीं।

प्रत्यक्ष कर संग्रह के मामले में सरकार ने क्या रखा है लक्ष्य?

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष करों से कुल 25.20 लाख करोड़ रुपये जुटाने का बजट अनुमान (BE) रखा है। यह पिछले साल के मुकाबले 12.7 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य है। अभी तक की वृद्धि दर (8.82%) और लक्ष्य वृद्धि दर (12.7%) के बीच का अंतर यह संकेत देता है कि शेष महीनों में कर विभाग को संग्रह की गति बढ़ानी होगी। 18.38 लाख करोड़ रुपये का संग्रह बताता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था औपचारिक हो रही है और कर आधार बढ़ रहा है। हालांकि, रिफंड में कमी और सकल संग्रह की धीमी वृद्धि दर (4.14%) नीति निर्माताओं के लिए विश्लेषण का विषय हो सकती है। 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से पहले ये आंकड़े सरकार को राजस्व की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed