Tax Refund: प्रत्यक्ष कर संग्रह 8% बढ़ा; 17.04 लाख करोड़ रुपये हुआ आंकड़ा, जानिए क्या है इसका कारण
Tax Refunds: इस साल 1 अप्रैल से 17 दिसंबर के बीच प्रत्यक्ष कर की शुद्ध वसूली में 8 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सरकार की ओर कर संग्रह से जुड़े आंकड़े साझा किए गए हैं। आइए इस बारे में विस्तर से जानते हैं।
विस्तार
इस वित्त वर्ष 1 अप्रैल से 17 दिसंबर के बीच प्रत्यक्ष कर की शुद्ध वसूली में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 17.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई। आयकर विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि होती है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि टैक्स कलेक्शन में वृद्धि का कारण करदाताओं के रिफंड में हो रही है।
गैर-काॅरपोरेट कर से प्राप्त राजस्व
इसमें कॉर्पोरेट कर से प्राप्त शुद्ध राजस्व 8.17 लाख करोड़ रुपये से अधिक और गैर-कॉर्पोरेट कर से प्राप्त राजस्व लगभग 8.47 लाख करोड़ रुपये शामिल है। चालू वित्त वर्ष की 17 दिसंबर तक प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) से प्राप्त शुद्ध राजस्व 40,195 करोड़ रुपये रहा।
सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में 4.16 प्रतिशत की वृद्धि
पिछले वर्ष की तुलना में रिफंड जारी करने में 14 प्रतिशत की गिरावट आई और यह राशि 2.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही। आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रिफंड को समायोजित करने से पहले, सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में 4.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 20.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
वित्त वर्ष 2026 में एसटीटी से 78,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
चालू वित्त वर्ष (2025-26) में सरकार ने प्रत्यक्ष कर संग्रह का अनुमान 25.20 लाख करोड़ रुपये लगाया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 12.7 प्रतिशत अधिक है। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 में एसटीटी से 78,000 करोड़ रुपये एकत्र करना है।