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NCLAT: जी एंटरटेनमेंट के खिलाफ IDBI बैंक की अपील पर 31 अगस्त को सुनवाई करेगा एनसीएलएटी, जानें पूरा मामला
Thu, 17 Aug 2023 02:45 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 17 Aug 2023 02:45 PM IST
सार
NCLAT: एनसीएलटी ने 10 मई को अपने फैसले में कहा था कि वह आईडीबीआई की याचिका पर विचार नहीं कर सकता क्योंकि यह दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की धारा 10ए के तहत प्रतिबंधित है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने गुरुवार को कहा कि वह आईडीबीआई बैंक की उस याचिका पर 31 अगस्त को सुनवाई करेगा, जिसमें 149.6 करोड़ रुपये के बकाये की वसूली के लिए जी एंटरटेनमेंट के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है।
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इससे कुछ महीने पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने सभी आपत्तियों को खारिज कर करते हुए जी एंटरटेनमेंट और सोनी इंडिया के विलय को मंजूरी दे दी थी।
एनसीएलटी ने 10 मई को अपने फैसले में कहा था कि वह आईडीबीआई की याचिका पर विचार नहीं कर सकता क्योंकि यह दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की धारा 10ए के तहत प्रतिबंधित है।
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धारा 10ए में कहा गया है कि 25 मार्च, 2020 को या उसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी चूक के लिए किसी भी वित्तीय और परिचालन लेनदार की ओर से किसी भी देनदारी के खिलाफ एक वर्ष की अवधि के लिए कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) करने से संबंधी कोई आवेदन दायर नहीं किया जा सकता है।
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आईडीबीआई बैंक ने दिसंबर 2022 में मुंबई पीठ के समक्ष याचिका दायर की थी। आईडीबीआई बैंक ने कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने के लिए एनसीएलटी के समक्ष ऋणशोधन अक्षमता और दिवालियापन संहिता, 2016 की धारा 7 के तहत आवेदन दायर किया है।
आईडीबीआई बैंक का दावा जी समूह के ऋण सेवा आरक्षित खाते (डीएसआरए) की गारंटी पर आधारित है। सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता ने आरोप लगाया कि ज़ी ने आईडीबीआई बैंक की ओर से सिटी नेटवर्क्स लिमिटेड को प्रदान किए गए ऋण को सिटी नेटवर्क लिमिटेड को दे दिया। दोनों कंपनियां उस समय एस्सेल समूह का हिस्सा थे।
आईडीबीआई बैंक ने एनसीएलटी के समक्ष जोर देकर कहा कि उसका दावा इंडसइंड बैंक के समान है और इस आधार पर आवेदन को स्वीकार किया जाना चाहिए।
इंडसइंड बैंक ने भी जी के खिलाफ इसी तरह की याचिका दायर की थी, जिसे एनसीएलटी ने 22 फरवरी को स्वीकार कर लिया था।
हालांकि, राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ मीडिया कंपनी को राहत दे दी। बाद में मार्च में जी ने इंडसइंड बैंक के साथ समझौता किया।
एनसीएलटी ने 11 अगस्त को जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट (पूर्ववर्ती सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया या एसपीएनआई) के विलय को मंजूरी दी थी।
जी और सोनी ने 2021 के अंत में डिजिटल परिसंपत्तियों, उत्पाद संचालन और कार्यक्रम पुस्तकालयों के अलावा दोनों के टेलीविजन नेटवर्क नेटवर्क को गठबंधन करने के लिए एक निश्चित समझौते पर हस्ताक्षर किया था। विलय के बाद सोनी के शेयरधारकों के पास संयुक्त इकाई में 50.86 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि जी के प्रवर्तकों के पास 3.99 प्रतिशत और जेडईईएल के शेयरधारकों के पास शेष 45.15 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। गुरुवार को दोपहर दो बजे जी एंटरटेनमेंट के शेयर 1.07 फीसदी की गिरावट के साथ 273.05 रुपये पर कारोबार कर रहा था।