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दावा: नासकॉम ने कहा- शीर्ष पांच आईटी कंपनियों की इस साल 96 हजार लोगों को नौकरी देने की योजना
Fri, 18 Jun 2021 10:32 AM IST
Jeet Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 18 Jun 2021 10:32 AM IST
सार
आईटी उद्योग संगठन नासकॉम ने दावा किया कि 2021-22 में देश की शीर्ष पांच कंपनियां करीब 96 हजार भर्तियां करेंगी।
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आईटी कंपनी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
आईटी उद्योग संगठन नासकॉम ने दावा किया कि चालू वित्त वर्ष 2021-22 में देश की शीर्ष पांच कंपनियां करीब 96 हजार भर्तियां करेंगी। नासकॉम ने यह दावा बुधवार को आई उस रिपोर्ट के बाद किया है, जिसमें बैंक ऑफ अमेरिका के हवाले से कहा गया था कि 2022 तक ऑटोमेशन की वजह से भारतीय आईटी कंपनियां 30 लाख नौकरियां खत्म कर देंगी। विशेष कर तकनीक क्षेत्र में। नासकॉम ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र कुशल प्रतिभा में सबसे अधिक नियुक्तियां करने वाला क्षेत्र बना हुआ है।
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वित्त वर्ष 2021 में दी 1,38,000 लोगों को नौकरी
नासकॉम ने एक बयान में कहा, 'प्रौद्योगिकी के विकास और स्वचालन में वृद्धि के साथ ही पारंपरिक आईटी नौकरियों और भूमिकाओं की प्रकृति समग्र रूप से विकसित होगी जिससे नई नौकरियों का सृजन होगा। आईटी क्षेत्र ने कुशल प्रतिभा क्षेत्र में सबसे अधिक नियुक्ति की है और वित्त वर्ष 2021 में 1,38,000 लोगों को नौकरी दी है।' उसने जोर देते हुए कहा कि आईटी कंपनियों के वित्त वर्ष में 2021-22 में 96 हजार से अधिक नियुक्ति की मजबूत योजना तैयार की है।
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पहले कही थी 30 लाख नौकरियां खत्म होने की बात
हाल ही में रिपोर्ट आई थी कि ऑटोमेशन की ओर तेजी से बढ़ रहीं आईटी क्षेत्र की कंपनियां 2022 तक करीब 30 लाख नौकरियां खत्म करने की तैयारी में हैं। इस कदम से कंपनियों को 100 अरब डॉलर (7.3 लाख करोड़ रुपये) की बचत होगी। रिपोर्ट में कहा गया था कि टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल, टेक महिंद्रा और कॉग्निजेंट जैसी कंपनियां अगले साल तक ऑटोमेशन की वजह से यह छंटनी कर सकती हैं। इन पर वेतन के रूप में 100 अरब डॉलर की बचत होगी, लेकिन ऑटोमेशन के लिए 10 अरब डॉलर खर्च भी करने होंगे। इसके अलावा पांच अरब डॉलर नई नौकरियों के वेतन पर खर्च आएगा।
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दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी बना रही छंटनी की योजना
मालूम हो कि दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड भी लागत में कमी लाने के लिए छंटनी की योजना बना रही है। कोल इंडिया ने बयान जारी कर बताया था कि कंपनी की लागत में कमी लाने के लिए हर साल पांच फीसदी कर्मचारियों की संख्या कम की जाएगी। यह प्रक्रिया पांच से 10 साल तक जारी रहेगी। वर्तमान में खनन कंपनी कोल इंडिया में 2,72,445 कर्मचारी कार्यरत हैं। वित्त वर्ष 2020-21 की मार्च तिमाही में सरकार के स्वामित्व वाली कोल इंडिया लिमिटेड का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 1.1 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 4,586.78 करोड़ रुपये रहा। लाभ में कमी का कारण कम बिक्री रही। मार्च तिमाही के नतीजों के एक दिन बाद कंपनी ने कर्मचारियों की छंटनी करने के बारे में जानकारी दी थी।