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Dabur Group: चेयरमैन-निदेशक के खिलाफ मुंबई में FIR, कंपनी ने आरोपों का खंडन किया, महादेव एप सट्टेबाजी का मामला

Tue, 14 Nov 2023 03:47 PM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 14 Nov 2023 03:47 PM IST
सार

डाबर ग्रुप के चेयरमैन और डायरेक्टर के खिलाफ मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज किया है। महादेव सट्टेबाजी एप मामले में कथित संलिप्तता को लेकर ग्रुप के दोनों शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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Mumbai Police Dabur Group Chairman Director Mahadev Betting App Case
डाबर ग्रुप के अधिकारियों पर मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज किया - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुंबई पुलिस ने महादेव सट्टेबाजी एप के संबंध में डाबर ग्रुप के निदेशक गौरव बर्मन और कंपनी के अध्यक्ष मोहित बर्मन सहित 32 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर धोखाधड़ी और जुए की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के अनुसार, कथित महादेव सट्टेबाजी एप में कथित आरोपी के रूप में मोहित बर्मन 16वें आरोपी हैं। गौरव बर्मन 18वें नंबर पर हैं।
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मुंबई पुलिस के पास दर्ज मामले के अनुसार, 31 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी है। 32 अज्ञात लोगों का भी जिक्र है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बनकर की शिकायत पर सात नवंबर को प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। एफआईआर में एक्टर साहिल खान का नाम आरोपी नंबर 26 के रूप में शामिल किया गया है। साहिल खान पर कथित तौर पर महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप से संबंधित एक और सट्टेबाजी एप चलाने का आरोप है।
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डाबर समूह ने आरोपों को सिरे से खारिज किया
इस मामले में डाबर की तरफ से कहा गया कि सट्टेबाजी से जुड़े कथित आरोप बेबुनियाद हैं। डाबर ग्रुप ने इस मामले में प्राथमिकी को 'शरारतपूर्ण कृत्य' करार दिया। बर्मन परिवार ने मोहित वी बर्मन और गौरव वी बर्मन के खिलाफ इस तरह के आरोपों और एफआईआर का जोरदार खंडन किया है। बर्मन परिवार के प्रवक्ता ने बर्मन परिवार के खिलाफ इस तरह के आरोपों और एफआईआर का जोरदार खंडन किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डाबर के प्रवक्ता ने सीएनबीसी टीवी-18 को बताया, "हमें ऐसी किसी भी एफआईआर की सूचना नहीं मिली है। यदि यह सच है, तो यह दुर्भावनापूर्ण इरादे से प्रेरित एक शरारती कृत्य लगता है। इसमें कोई संदेह नहीं है।" हम आरोपों से इनकार करते हैं। 
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एफआईआर को झूठा और आधारहीन बताया
डाबर ग्रुप को दृढ़ भरोसा है कि गहन जांच के बाद सच सामने आ जाएगा। जांच के बाद कंपनी सही साबित होगी। आरोप निराधार और झूठे निकलेंगे। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक डाबर ग्रुप को विश्वास है कि उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रतिष्ठा को धूमिल करने के इस दुर्भावनापूर्ण प्रयास का खुलासा होगा। बर्मन परिवार की ओर से जारी एक अन्य बयान में उन्होंने एफआईआर को झूठा और आधारहीन बताया। बयान के अनुसार, मीडिया में प्रसारित की जा रही एफआईआर की एक प्रति में देखा गया है कि मोहित बर्मन और गौरव बर्मन पर आरोप लगाए जा रहे हैं।

बर्मन परिवार ने प्राथमिकी पर क्या सफाई दी?
मोहित बर्मन और गौरव बर्मन मीडिया में चुनिंदा रूप से प्रसारित की जा रही एफआईआर में उल्लिखित अभियुक्तों को जानते तक नहीं हैं। दोनों उन आरोपियों से कभी मिले भी नहीं हैं। डाबर ग्रुप के मुताबिक एफआईआर ऐसे समय में सामने आई है जब बर्मन परिवार ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज में अपनी मौजूदा हिस्सेदारी 21.24% बढ़ाने की मांग की है। इसके लिए शेयर बाजार नियामक- सेबी के टेकओवर कोड के तहत एक वैध खुली पेशकश शुरू की गई है। बर्मन परिवार ने इसका संज्ञान लिया है।

सदमे में डाबर ग्रुप, रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के अधिग्रहण की तैयारी
डाबर ग्रुप ने कहा, बोर्ड और नियामकों ने वर्तमान अध्यक्ष डॉ. रश्मी सलूजा ने कुछ प्रशासनिक मुद्दों को अंजाम दिया है। यह एफआईआर और कुछ नहीं बल्कि बर्मन परिवार की तरफ से रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के अधिग्रहण को रोकने का प्रयास और निहित स्वार्थों वाला एक कदम है। बर्मन परिवार सदमे में है। दबाव बनाने के मकसद से चली गई  ये चालें पूरी तरह से अवैध हैं। फिर भी, हम इस बात पर दृढ़ हैं कि डाबर रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के अधिग्रहण के साथ आगे बढ़ेगा।

मुंबई पुलिस की प्राथमिकी में क्या?
एफआईआर के अनुसार, "साहिल पर न केवल प्रमोशन का बल्कि एप चलाकर भारी मुनाफा कमाने का भी आरोप है।" गौरतलब है कि इससे पहले साहिल खान को दुबई में ऑनलाइन बेटिंग एप की एक पार्टी के वीडियो में देखा गया था। शुरुआत में इसे प्रमोशनल वीडियो बताया गया था, लेकिन अब एप संचालक के तौर पर एफआईआर में नाम आने से साहिल खान की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। साहिल के खिलाफ दूसरा मामला खिलाड़ी नाम का सट्टेबाजी एप चलाने के आरोप में दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता बनकर ने दावा किया है कि लोगों से 15,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। मुंबई पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 465, 467, 468, 471 और 120 (बी) के तहत मामला दर्ज किया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) महादेव बुक ऑनलाइन सट्टेबाजी एप सिंडिकेट की जांच कर रहा है। आरोप के अनुसार, इस सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रवर्तक कथित तौर पर विदेश में बैठे हैं। इसकी मदद से उनके मित्र और सहयोगी भारत में हजारों पैनल चला रहे हैं। ईडी के अनुसार उसने पहले ही 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और 450 करोड़ रुपये से अधिक की आपराधिक आय जब्त कर ली है। 14 आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की गई है।

खबरों के अनुसार दो नवंबर को ईडी को खुफिया जानकारी मिली कि 7 और 17 नवंबर, 2023 को होने वाले विधानसभा चुनावों के संबंध में महादेव एप के प्रमोटर छत्तीसगढ़ में बड़ी मात्रा में नकदी लेकर जा रहे हैं। ईडी ने होटल ट्राइटन और भिलाई में एक अन्य स्थान पर तलाशी ली और एक कैश कूरियर असीम दास को सफलतापूर्वक रोका। असीम को कथित तौर पर सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के चुनावी खर्चों के लिए बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने के लिए विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात से भेजा गया था।


ईडी का दावा है कि असीम दास से पूछताछ और उसके पास से बरामद फोन की फोरेंसिक जांच और महादेव नेटवर्क के एक उच्च पदस्थ आरोपी की तरफ से भेजे गए ईमेल की जांच से कई चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। कथित तौर पर अतीत में नियमित भुगतान किए गए हैं। आरोप के अनुसार, अब तक महादेव एप प्रमोटर्स ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
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