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वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में छह फीसदी कम हुआ MSME क्रेडिट, महाराष्ट्र में सबसे तेज गिरावट
Thu, 15 Oct 2020 11:45 AM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Thu, 15 Oct 2020 11:45 AM IST
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क्रेडिट
- फोटो : pixabay
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मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) क्रेडिट में मेट्रो व शहरी स्थानों में ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा, राज्यों की बात करें, तो महाराष्ट्र ने सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई, इसके बाद गुजरात में गिरावट आई। जबकि छत्तीसगढ़ और बिहार में मामूली सुधार हुआ।
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नवीनतम ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड की एमएसएमई पल्स रिपोर्ट के अनुसार एमएसएमई सेगमेंट में परिसंपत्ति की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती रही, एनपीए अनुपात वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में 140 आधार अंक बढ़कर 12.8 फीसदी हो गया। हालांकि, एनबीएफसी सेगमेंट में एनपीए में सबसे ज्यादा यानी 390 आधार अंकों की वृद्धि देखी गई है, जिसके बाद यह 9.7 फीसदी हो गया।
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पिछले कुछ महीनों में (मार्च 2020 से जून 2020 तक), छूटी हुई भुगतान दर पूर्व कोविड स्तर के नौ फीसदी से बढ़कर सुपर प्राइम श्रेणी में 25 फीसदी हो गई। दूसरी ओर, सबप्राइम श्रेणी के उधारकर्ताओं में यह दर पूर्व कोविड स्तर के 11 फीसदी से बढ़कर 36 फीसदी तक पहुंच गई।
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वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में एमएसएमई क्रेडिट साल दर साल के हिसाब से छह फीसदी (3.4 फीसदी तिमाही दर तिमाही) कम हुआ है। हालांकि, आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) ने एक आवश्यक बढ़ावा दिया। इसका प्रभाव पीएसबी में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था, जिसने फरवरी के मुकाबले जून 2020 में 2.6 गुना ज्यादा लोन वितरित किया। वित्त मंत्रालय की नवीनतम प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ईसीएलजीएस के तहत कुल 19 खरब रुपये का ऋण स्वीकृत किया है, जिनमें से 14 खरब रुपये पहले ही वितरित किया जा चुका है। उधारदाताओं में से, पीएसबी ने 688 अरब रुपये, निजी बैंकों ने 597 अरब रुपये और एनबीएफसी ने सिर्फ 22 अरब रुपये का लोन वितरित किया या स्वीकृत किया।
जून 2020 में एमएसएमई के लिए पीएसबी का 80 फीसदी वितरण सुपर प्राइम (CMR 1–3) और प्राइम (CMR 4–6) श्रेणी के उधारकर्ताओं की ओर था। इसके अलावा, निजी बैंकों के लिए, कुल वितरण का 86 फीसदी लोन उच्च रेटेड एमएसएमई उधारकर्ताओं की ओर था। हालांकि, अगस्त 2020 के नवीनतम क्रेडिट जांच ट्रेंड उच्च जोखिम वाले श्रेणी के उधारकर्ताओं से उच्चतर पूछताछ का संकेत देते हैं। पीएसबी ने सुपर प्राइम इंक्वायरी में तेज गिरावट की सूचना दी, जो कि फरवरी के 38 फीसदी से घटकर अगस्त में 32 फीसदी हुई। इसके विपरीत, एनबीएफसी के लिए सब-प्राइम इंक्वायरी फरवरी 15 फीसदी से बढ़कर अगस्त में 24 फीसदी हो गई।