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Loan Tips: सबसे महंगा है ये लोन... कर्ज के दलदल में नहीं फंसना चाहते हैं तो क्रेडिट कार्ड का करें सही इस्तेमाल
Mon, 08 Sep 2025 07:42 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
कालीचरण
कालीचरण
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Mon, 08 Sep 2025 07:42 AM IST
सार
अगर आप पूरे क्रेडिट कार्ड बिल पर एक साल में सिर्फ न्यूनतम राशि के रूप में 50,000 रुपये चुकाते हैं, तो इस पर 15,000 रुपये का अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है। हालांकि, क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में छोटे-छोटे बदलाव कर इस अनावश्यक कर्ज से बच सकते हैं। इन बदलावों के जरिये न सिर्फ ब्याज भुगतान में कमी आएगी, बल्कि आपके पैसे भी बचेंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
क्रेडिट कार्ड कर्ज लेने का एक बेहद उपयोगी साधन है। हालांकि, अगर सही तरीके से इसका इस्तेमाल नहीं किया तो यह काफी महंगा साबित हो सकता है। क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरें सालाना 30-42 फीसदी के बीच होती हैं, जो इसे सबसे महंगे कर्ज में से एक बनाती है।
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अगर आप पूरे क्रेडिट कार्ड बिल पर एक साल में सिर्फ न्यूनतम राशि के रूप में 50,000 रुपये चुकाते हैं, तो इस पर 15,000 रुपये का अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है। हालांकि, क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में छोटे-छोटे बदलाव कर इस अनावश्यक कर्ज से बच सकते हैं। इन बदलावों के जरिये न सिर्फ ब्याज भुगतान में कमी आएगी, बल्कि आपके पैसे भी बचेंगे।
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45 दिन की ब्याज-मुक्त अवधि का करें इस्तेमाल
क्रेडिट कार्ड पर 45 दिनों का ब्याज-मुक्त क्रेडिट मिलता है। इस अवधि का लाभ उठाने के लिए अपनी बिलिंग तिथि के तुरंत बाद बड़े खर्च करें। अवधि समाप्त होने से पहले आंशिक भुगतान भी ब्याज लागत घटाने में मददगार है। याद रखें, यह नकद निकासी पर लागू नहीं होता है।
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हमेशा न्यूनतम रकम से अधिक करें भुगतान
सिर्फ न्यूनतम देय राशि का भुगतान कर आप डिफॉल्ट से तो बच सकते हैं, लेकिन कर्ज का बोझ बढ़ता ही जाएगा। 20,000 रुपये के क्रेडिट कार्ड बकाया पर अगर आप न्यूनतम 1,000 रुपये का भुगतान करते हैं, तो भी आपको शेष 19,000 रुपये पर ब्याज देना होगा। 36 फीसदी सालाना ब्याज दर पर यह हर महीने 570 रुपये बनता है। ब्याज कम करने और उसे चक्रवृद्धि होने से रोकने के लिए हमेशा पूरा बिल चुकाएं या न्यूनतम राशि से अधिक भुगतान करें।
बड़ी खरीद को ईएमआई में बदलें
क्रेडिट कार्ड से मोबाइल फोन या लैपटॉप जैसे बड़े खर्च को अगर न चुकाया जाए, तो भारी ब्याज लग सकता है। बकाया राशि को आगे बढ़ाने के बजाय उसे ईएमआई में बदल दें, जिस पर आमतौर पर कम ब्याज लगता है।
n उदाहरण के लिए, अगर आप 60,000 रुपये की खरीदारी कर बिल नहीं चुकाते हैं, तो इस पर 36 फीसदी की ब्याज दर से एक साल में 21,600 रुपये ब्याज लगता है। वहीं, इसे ईएमआई में बदलवाने पर 18 फीसदी ब्याज दर से एक साल में 5,400 रुपये का ब्याज बनता है।
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बैलेंस ट्रांसफर भी हो सकता है मददगार
ज्यादा ब्याज वाले कर्ज में फंसने के बजाय बैलेंस ट्रांसफर कार्ड पर विचार कर सकते हैं। इससे आप अपनी बकाया राशि कम ब्याज दर पर दूसरे कार्ड में ट्रांसफर कर सकते हैं। बस, प्रोसेसिंग फीस का अवश्य ध्यान रखें।
खर्च दो कार्ड में बांटें नकद निकासी से बचें
अगर पूरा बिल चुकाना मुश्किल हो रहा है, तो अपने खर्च को दो कार्ड में बांट लें। ब्याज से बचने के लिए हर महीने एक कार्ड का पूरा बिल चुकाएं और थोड़ा बैलेंस दूसरे कार्ड पर डाल दें। इससे ब्याज कम लगता है और आपका क्रेडिट स्कोर भी मजबूत होता है। क्रेडिट कार्ड से नकद निकासी से बचें, क्योंकि इस पर पहले दिन से ही ब्याज लगने लगता है। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार