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India-Israel Tie: भारत-इस्राइल अगले हफ्ते कर सकते हैं द्विपक्षीय निवेश संधि पर हस्ताक्षर, FTA की रखेंगे नींव
Sun, 07 Sep 2025 05:52 PM IST
राहुल कुमार
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 07 Sep 2025 05:52 PM IST
सार
भारत और इस्राइल अगले हफ्ते द्विपक्षीय निवेश संधि पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। यह कदम दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई गति देगा।
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भारत और इस्राइल।
- फोटो : X/@IsraelinIndia
विस्तार
भारत और इस्राइल इस सप्ताह द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआआटी) पर हस्ताक्षर करने की संभावना है। यह संधि दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की नींव तैयार करेगी। इस्राइल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच 8 से 10 सितंबर तक तीन दिवसीय भारत दौरे पर आ रहे हैं। यात्रा के दौरान वे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात करेंगे।
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सूत्रों के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य भारत-इस्राइल के आर्थिक व वित्तीय संबंधों को गहरा करना और बीआईटी व एफटीए जैसे अहम समझौतों के लिए आधार तैयार करना है। बीआईटी पर बातचीत पूरी हो चुकी है और दोनों वित्त मंत्री इसके हस्ताक्षर करेंगे। यह संधि भारतीय और इस्राइली निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षा उपलब्ध कराएगी।
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इसमें स्वतंत्र मध्यस्थता मंच की ओर से विवाद समाधान, अधिग्रहण से सुरक्षा, पारदर्शिता और नुकसान की भरपाई जैसे प्रावधान शामिल हैं। इससे निवेशकों का विश्वास और सहजता बढ़ने की उम्मीद है। इस्राइल ने वर्ष 2000 से अब तक 15 से अधिक देशों के साथ बीआईटी पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें यूएई, जापान, फिलीपींस, थाईलैंड और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
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भारत-इस्राइल के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 4 अरब अमेरिकी डॉलर वार्षिक है। 2000 से 2025 तक भारत से इस्राइल में कुल निवेश 44.3 करोड़ डॉलर और इसी अवधि में इस्राइल का भारत में एफडीआई योगदान 33.42 करोड़ डॉलर रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस्राइल की हाई-टेक इनोवेशन और भारत की बड़ी बाजार क्षमता उन्हें स्वाभाविक साझेदार बनाती है। दोनों देश फिनटेक सेक्टर में भी मजबूत सहयोग कर सकते हैं, जहां भारत का डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और यूपीआई प्लेटफॉर्म तथा इस्राइल की साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन विशेषज्ञता एक-दूसरे को पूरक बनाती है।
स्मोट्रिच अपने दौरे के दौरान गिफ्ट सिटी भी जाएंगे
स्मोट्रिच अपने दौरे में दिल्ली और मुंबई के साथ गिफ्ट सिटी (गांधीनगर) भी जाएंगे। यहां अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) वैश्विक स्तर की बैंकिंग, बीमा, पूंजी बाजार और फंड मैनेजमेंट सेवाएं प्रदान करता है। दोनों देश विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) जैसे संस्थानों के सक्रिय सदस्य हैं और तीसरे देशों, खासतौर से ग्लोबल साउथ, में संयुक्त निवेश परियोजनाओं को बढ़ावा दे सकते हैं।