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Life and Money: इक्विटी में लगाएं पैसा, आराम से कटेगा बुढ़ापा

Mon, 15 Jan 2024 06:28 AM IST
यशोधन शर्मा नारायण कृष्णमूर्ति
नारायण कृष्णमूर्ति Published by: यशोधन शर्मा Updated Mon, 15 Jan 2024 06:28 AM IST
सार

निजी क्षेत्र के बैंक में काम करने वाले एक पाठक रामदास शर्मा 2020 में तब सेवानिवृत्त हुए, जब कोरोना महामारी अपने चरम पर थी। उन्हें अच्छा रिटायरमेंट बोनस भी मिला। इसके बावजूद उन्हें चिंतामुक्त सेवानिवृत्त जीवन को लेकर संदेह था।

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Life and Money Invest money in equity old age pass comfortably
इक्विटी बाजार

विस्तार

भारतीयों में करोड़पति बनने की चाहत ज्यादा होती है। इस वजह से लोकप्रिय क्विज शो 'केबीसी' की बड़ी फैन फॉलोइंग है। अपने सपने को पूरा करने और सेवानिवृत्ति के बाद बेहतर जीवन जीने के लिए इक्विटी में निवेश अच्छा विकल्प है। लेकिन, आप इक्विटी में पैसे तब तक नहीं लगा सकते, जब तक अपनी जीवनशैली में कटौती करने को तैयार न हों।
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सेवानिवृत्ति के बाद जीवन जीने के लिए किसी व्यक्ति को कितने पैसे की जरूरत होगी, इस बारे में स्पष्ट विचार नहीं होने की वजह से लोगों को रिटायर होने पर एक या दो करोड़ रुपये का लक्ष्य ही रखना पड़ता है। अगर आपकी गणना अच्छी नहीं है तो लगातार बढ़ती महंगाई और पैसे के अभाव में सेवानिवृत्ति के बाद आपका जीवन मृत्यु से भी बदतर हो सकता है।
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निजी क्षेत्र के बैंक में काम करने वाले एक पाठक रामदास शर्मा 2020 में तब सेवानिवृत्त हुए, जब कोरोना महामारी अपने चरम पर थी। उन्हें अच्छा रिटायरमेंट बोनस भी मिला। इसके बावजूद उन्हें चिंतामुक्त सेवानिवृत्त जीवन को लेकर संदेह था। उन्होंने फिक्स्ड डिपॉजिट व तय गारंटी वाले साधनों के अलावा कहीं और निवेश नहीं किया था। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि उनकी बचत पर मिलने वाली ब्याज आय से बेहतर तरीके से बुढ़ापा काटना मुश्किल है।
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आज 64 साल की उम्र में रामदास पत्नी और अपनी विधवा बहन के साथ मेरठ में रहते हैं। बहन पिछले एक दशक से उनके इस छोटे से घर में रह रही है, जो रामदास ने बड़े शहरों में वर्षों तक काम करने के बाद सेवानिवृत्त जीवन के लिए बनाया था।

महंगाई के असर को ध्यान में जरूर रखें
देखिए...मैं फिर कह रहा हूं कि आपको महंगाई व उसका आपके फंड पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखना होगा। हममें से अधिकांश लोग महंगाई के असर पर ध्यान नहीं देते हैं क्योंकि छोटी अवधि में इसका एहसास नहीं होता है।  इसलिए, साल में कई बार दूध के दाम में कुछ रुपये की वृद्धि या टमाटर की कीमत में कुछ ही हफ्तों में उतार-चढ़ाव को हम तवज्जो नहीं दे पाते हैं। हालांकि, उतार-चढ़ाव को अगर जोड़ें और समीक्षा करें तो पाएंगे कि एक-दो साल में कीमतें आपकी सोच से कहीं अधिक बढ़ गई हैं।

बढ़ते खर्च को देखते हुए करें वित्तीय प्रबंधन
रामदास ने सेवानिवृत्ति से कुछ साल पहले अपने 18-20 वर्ष तक के मासिक खर्च के बराबर पैसा अलग रखने को पर्याप्त मान लिया था। सेवानिवृत्त होने से ठीक एक साल पहले उनका मासिक घरेलू खर्च 55,000 रुपये था। उनकी गणना के मुताबिक, बैंक में जमा 1.32 करोड़ रुपये के ब्याज से अगले दो दशकों तक उनका मासिक खर्च चल जाएगा। उन्हें सेवानिवृत्त हुए तीन साल ही हुए हैं। उनका मासिक खर्च 25 फीसदी बढ़कर करीब 70,000 रुपये प्रति माह तक पहुंच गया है। इस वृद्धि का कारण पत्नी के कोविड से पीड़ित होने के बाद दवा और रोजमर्रा के घरेलू सामानों की बढ़ती लागत है। इसलिए, मैंने उनसे कहा कि एक निश्चित राशि (जिस पर उन्होंने अगले 20 वर्षों तक जीवनयापन करने की योजना बनाई थी) पर निर्भर रहने के बजाय उन्हें अपनी बचत को अलग-अलग साधनों में निवेश करना चाहिए।

तो ऐसे फंड को इक्विटी में जरूर लगाएं
रामदास के लिए इक्विटी में पैसा लगाना स्वीकार करना आसान नहीं था। लेकिन, जब मैंने उनसे कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता को देखते हुए इस बात की अधिक संभावना है कि वह 80 या 90 के दशक तक भी जीवित रह सकते हैं, जिसके लिए उनकी नियोजित सेवानिवृत्ति निधि पर्याप्त नहीं है तो वह इक्विटी में निवेश को तैयार हुए। जिस पैसे की...कम-से-कम 10 वर्षों तक जरूरत नहीं है, उसे आसानी में इक्विटी में लगाया जा सकता है। अपनी सेवानिवृत्ति बचत का 30-40 फीसदी हिस्सा इक्विटी में लगा सकते हैं।
  •  लार्जकैप क्षेत्र में कई म्यूचुअल फंड योजनाएं हैं, जिनमें निवेश पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा, आप पैसे को एक सूचकांक में भी रख सकते हैं।
  • अगर तर्क यह है मैंने पहले कभी इक्विटी में निवेश नहीं किया है तो स्मार्टफोन के उपयोग के बारे में सोचें। शायद, यह आपके पास कभी नहीं था, लेकिन अब यह बहुत उपयोगी लगता है।
  • अपने व्यवहार को थोड़ा बदलें और संभावना है कि सेवानिवृत्ति वर्ष में जब आपको इसकी सबसे अधिक जरूरत होगी, तो आप पैसों को लेकर सहज होंगे।

सुझाव
उन सभी को विनम्र सुझाव है जो सेवानिवृत्त हो रहे हैं या हो चुके हैं। सेवानिवृत्ति के वर्षों में आराम से रहने के लिए आपको कितनी राशि की जरूत होगी, इसका अनुमान लगाने के लिए इंटरनेट पर सेवानिवृत्ति कैलकुलेटर देखें। इससे आप पता लगा सकते हैं कि अपनी सेवानिवृत्ति बचत का कितना हिस्सा इक्विटी में लगा सकते हैं, जिससे बढ़ते खर्च के बावजूद आपका बुढ़ापा बेहतर तरीके से कट सके।
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