{"_id":"5c1cb4f8bdec2256c106db40","slug":"lic-of-india-can-now-buy-stake-in-idbi-bank-delhi-highcourt-rejects-petition","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलआईसी का आईडीबीआई बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का रास्ता साफ, खारिज की याचिका","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी ","slug":"business-diary"}}
एलआईसी का आईडीबीआई बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का रास्ता साफ, खारिज की याचिका
Fri, 21 Dec 2018 03:10 PM IST
paliwal पालीवाल
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Fri, 21 Dec 2018 03:10 PM IST
विज्ञापन
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा 51 फीसदी हिस्सेदारी की खरीद पर एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।
विज्ञापन
मूख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश वी. के. राव की पीठ ने कहा कि एकल न्यायाधीश की पीठ ने अखिल भारतीय आईडीबीआई अधिकारी संघ को किसी भी तरह की राहत देने से मना करने के पहले सभी पक्षों पर अच्छे से विचार किया था।
विज्ञापन
अखिल भारतीय आईडीबीआई अधिकारी संघ ने एलआईसी के हिस्सेदारी खरीदने का विरोध किया था जिसका आधार उसने हिस्सेदारी खरीदने के बाद बैंक का सरकारी बैंक वाला दर्जा चले जाने को बनाया था। संघ ने अपनी अपील में पीठ से कहा कि आईडीबीआई में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर एलआईसी बीमा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन कर रही है।
विज्ञापन
हालांकि, अदालत ने संघ की दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा कि यदि बीमा अधिनियम के किसी प्रावधान का उल्लंघन हुआ है तो उसे बीमा क्षेत्र की नियामक भारतीय बीमा विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (इरडा) के पास जाना चाहिए।
पीठ ने कहा, ‘बीमा अधिनियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं हम उसकी जांच नहीं कर सकते हैं। इरडा के पास जाएं। इस बीच, एलआईसी ने अदालत से कहा कि जितनी राशि का निवेश वह बैंक में कर रहा है, वह उसके कुल कोष का मात्र एक प्रतिशत है और उसने अदालत को भरोसा दिलाया कि वह अपने बीमाधारकों के हितों की रक्षा करेगी।