{"_id":"5ba33ede867a557fed5e9581","slug":"jet-airways-passengers-not-to-get-meals-during-flight-from-28-september","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेट एयरवेज पर नहीं मिलेगा उड़ान के दौरान अब नाश्ता-खाना, 28 सितंबर से लागू होगा नियम","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी ","slug":"business-diary"}}
जेट एयरवेज पर नहीं मिलेगा उड़ान के दौरान अब नाश्ता-खाना, 28 सितंबर से लागू होगा नियम
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:01 PM IST
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घाटे से गुजर रही देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज अपनी घरेलू उड़ानों पर यात्रियों को किसी भी तरह का नाश्ता-खाना नहीं देगी। हालांकि यात्रियों को उड़ान के दौरान मुफ्त पानी, चाय और कॉफी पीने को मिलेगी। कंपनी यह नया नियम आगामी 28 सितंबर से पूरे देश में लागू कर देगी।
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टिकट का दाम हो जाएगा सस्ता
जेट एयरवेज ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस फैसले के लागू होने के बाद टिकट के दाम काफी सस्ते हो जाएंगे, क्योंकि यात्रियों से नाश्ता व खाने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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इकोनॉमी क्लास पर होगा लागू
कंपनी ने कहा है कि यह नया नियम केवल इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों पर लागू होगा। अब इकोनॉमी लाइट और इकोनॉमी डील क्लास के यात्रियों पर 28 सितंबर से यह नियम लागू होगा यात्रा करेंगे। हालांकि अगर यात्री चाहेंगे तो वो भुगतान करके खाने-पीने का सामान खरीद सकते हैं।
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अभी टिकट में होता है खाने का पैसा शामिल
जेट एयरवेज से यात्रा करने वाले यात्रियों को सफर के दौरान खाना मिलता है और इसका पैसा भी टिकट में शामिल होता है। यह नियम जेट की सभी छोटी और बड़ी उड़ानों पर लागू होता है। चाहे यात्री बिजनेस क्लास में सफर करे या फिर इकोनॉमी में उसे नाश्ता, लंच-डिनर या फिर शाम के वक्त का चाय-कॉफी और स्नैक्स मिलते ही हैं। जेट एयरवेज के सूत्रों ने बताया कि यात्रियों को छोटी उड़ानों पर नाश्ता नहीं दिया जाएगा। अगर उनको नाश्ता या फिर चाय-कॉफी चाहिए तो फिर अलग से पैसा खर्च करना होगा।
इस वजह से खराब हुई हालत
कंपनी के प्रबंधन ने कर्मचारियों से कहा कि हवाई ईंधन के दामों में बढ़ोतरी और इंडिगो द्वारा ज्यादा मार्केट शेयर हासिल करने से उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। 2016 और 2017 में जहां कंपनी ने लाभ अर्जित किया था, वहीं 2018 के वित्त वर्ष में उसे 767 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा।
इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घाटा बढ़कर के एक हजार करोड़ रुपये के पार जा सकता है। कंपनी ने अपने काफी इंजीनियर्स को निकालने का फरमान जारी कर दिया है। इसके बाद केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ में भी कर्मचारियों की संख्या में कटौती की जाएगी।