जेट एयरवेज की मुश्किलें बढ़ी, केवल 15 विमानों के जरिए दे रहा सेवा, विदेशी उड़ानों पर असर
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घरेलू परिचालन के लिए केवल 12 विमान
कंपनी के पास घरेलू सेक्टर पर उड़ानों के लिए केवल 12 विमान बचे हैं। इससे पहले मंगलवार को जेट के करीब 29 विमान उड़ रहे थे। इनमें 10 737 एनजी, सात एटीआर और 12 एयरबस 330 व बोइंग 777 शामिल हैं।कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को सूचना दी है कि उसने 15 और विमानों को खड़ा कर दिया है। भारतीय नियमों के हिसाब से किसी भी विमान कंपनी के पास 20 विमान और रोजाना 120 देशी उड़ानें होनी चाहिए, जिससे वो अपनी विदेशी उड़ानों को जारी रख सके।
पहले विदेशी पायलटों को जबरन छुट्टी पर भेजने के बाद कंपनी ने अब बोइंग 737 उड़ा रहे पायलटों को भी सितंबर तक छुट्टी पर रहने का आदेश दिया है। इस दौरान इन पायलटों को किसी तरह का वेतन भी नहीं मिलेगा।
कंपनी ने लिखा कर्मचारियों को पत्र
कंपनी ने अपने इन सभी पायलट्स को पत्र लिखकर छुट्टी पर जाने के लिए कहा है। इसके साथ ही कंपनी ने कहा है वो इसकी जानकारी अपने फील्ड ऑफिस में भी दे सकते हैं। फिलहाल बोइंग 737 के क्रू रोस्टर में पांच दिन कार्य और तीन दिन का ऑफ देने की प्रक्रिया 11 अप्रैल से शुरू होकर 26 अप्रैल तक लागू रहेगी।
जेट के पास हैं 1500 पायलट
फिलहाल जेट एयरवेज के पास 1500 पायलट हैं, जिनमें से 1100 नेशनल एविएटर गिल्ड से जुड़े हैं। पिछले कुछ हफ्ते से जेट एयरवेज के कई पायलट गोएयर, इंडिगो, स्पाइसजेट, विस्तारा और विदेशी एयरलाइन से जुड़े चुके हैं।
नहीं देना होगा नोटिस पीरियड
अब कंपनी के पायलट बिना कोई नोटिस दिए इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पायलटों को सैलरी नहीं मिली है। जेट एयरवेज ने जनवरी, फरवरी और मार्च की सैलरी अपने कर्मचारियों को नहीं दी है।