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PMJDY: 'जन धन योजना देश में वित्तीय समावेशन का सबसे बड़ा साधन', वित्त मंत्री सीतारमण ने आतंकवाद पर कही ये बात
Fri, 20 Oct 2023 12:43 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 20 Oct 2023 12:43 PM IST
सार
Nirmala Sitharaman: कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2023 में उद्घाटन भाषण देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 50 से अधिक सरकारी योजनाओं के तहत लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए जा रहे हैं, और पीएमजेडीवाई ने इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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Nirmala Sitharaman
- फोटो : Social Media
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विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को 2014 में शुरू की गई प्रधानमंत्री जन-धन योजना की सराहना की। वित्त मंत्री ने कहा कि यह योजना (पीएमजेडीवाई) देश में वित्तीय समावेशन लाने के सबसे बड़े साधन के रूप में उभरी है। कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2023 में उद्घाटन भाषण देते हुए, मंत्री ने कहा कि 50 से अधिक सरकारी योजनाओं के तहत लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए जा रहे हैं, और पीएमजेडीवाई ने इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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उन्होंने यह भी कहा कि जब यह योजना शुरू की गई थी तो लोगों के एक वर्ग ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक दबाव में होंगे क्योंकि ये शून्य बैलेंस वाले खाते हैं। सीतारमण ने कहा कि आज स्थिति यह है कि इन खातों में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। अपने संबोधन में उन्होंने जलवायु वित्तपोषण और इससे जुड़ी चुनौतियों पर भी विस्तार से बात की।
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मंत्री ने यह भी कहा कि बहुपक्षीय विकास बैंक (एमडीबी) सहित बहुपक्षीय संस्थान मौजूदा वैश्विक स्थिति में कम प्रभावी हो गए हैं। सीतारमण ने वैश्विक आतंकवाद से उत्पन्न चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला और जोर देकर कहा कि निवेशकों और व्यवसायों को निवेश निर्णय लेते समय ऐसे कारकों को ध्यान में रखना होगा।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार कर्ज की स्थिति को लेकर सजग है और उसने यह सुनिश्चित करने के लिए राजकोषीय प्रबंधन किया है कि आने वाली पीढ़ी पर बोझ नहीं पड़े।