ITR : कर चुकाने के साथ बचाने पर भी दें जोर, टैक्स संबंधी योजना बनाकर बढ़ा सकते हैं टेक होम सैलरी
आकलन वर्ष 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2023 है। अगर आपने अब तक रिटर्न नहीं भरा है तो जल्द इस प्रक्रिया को पूरा कर लें। ध्यान रखें कि टैक्स चुकाने के साथ कर बचाने की भी जरूरत है।
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आकलन वर्ष 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2023 है। अगर आपने अब तक रिटर्न नहीं भरा है तो जल्द इस प्रक्रिया को पूरा कर लें। ध्यान रखें कि टैक्स चुकाने के साथ कर बचाने की भी जरूरत है।
दरअसल, कुछ आय करमुक्त होती हैं। कुछ कमाई पूरी तरह करयोग्य होती हैं। कुछ ऐसी आय भी होती हैं, जो इन दोनों के बीच आती हैं। ऐसे में अधिक-से-अधिक कर बचाने और अपनी टेक होम सैलरी को अधिकतम करने के लिए टैक्स संबंधी योजना बहुत मायने रखती है। इसके जरिये आप न सिर्फ अपनी कर देनदारी घटा सकते हैं बल्कि निवेश के लिए पैसे की बचत कर अपने वित्तीय लक्ष्यों को भी पूरा कर सकते हैं।
31 जुलाई है आकलन वर्ष 2023-24 के लिए रिटर्न भरने का आखिरी दिन
चार तरीके...जिनके जरिये कर सकते हैं बचत
कर कटौती और छूट का उठाएं फायदा
आयकर कानून के तहत उपलब्ध कर छूट व कटौती का पूरा लाभ उठाएं। धारा-80सी (पीपीएफ, ईपीएफ और कर बचत म्यूचुअल फंड जैसे साधनों में निवेश), धारा-80डी (स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम) और धारा-24(बी) (होम लोन ब्याज के लिए) जैसी कटौती का ध्यान रखें।
कर बचत वाले साधनों में निवेश : पब्लिक प्रोविडेंट फंड, सुकन्या समृद्धि, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, जीवन-स्वास्थ्य बीमा में निवेश पर 80सी के तहत लाभ मिलता है।
ईएलएसएस पर कर सकते हैं विचार : इक्विटी-लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) कर बचाने वाला म्यूचुअल फंड है। इसमें 80सी के तहत कर लाभ के साथ फंड बढ़ाने का भी मौका मिलता है।
होम लोन पर लाभ उठाएं : होम लोन लिया है तो 80सी के तहत मूल रकम पर 1.50 लाख और 24बी के तहत चुकाए गए ब्याज पर 2 लाख तक की छूट का दावा कर सकते हैं। अगर पहली बार घर खरीदा है तो 80 ईईए के तहत अतिरिक्त छूट के हकदार हो सकते हैं।
कैपिटल गेन्स के मामले में होल्डिंग अवधि का रखें ध्यान
कैपिटल गेन्स के लिहाज से होल्डिंग अवधि के प्रति सजग रहें। जरूर देखें कि आप जहां निवेश कर रहे हैं, वह शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स के अंतर्गत आता है या लॉन्ग टर्म। इक्विटी निवेश पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर अलग तरीके से टैक्स लग सकता है। कर बचाने के लिहाज से म्यूचुअल फंड में निवेश पर विचार करें ताकि आप अपनी कर देनदारी घटा सकें। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार