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Blame: आईटी कंपनियों ने फ्रेशर्स को ‘ऑफर लेटर’ बांटे, तीन-चार महीने इंतजार कराया, फिर उन्हें रद्द कर दिया

Mon, 03 Oct 2022 04:45 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Mon, 03 Oct 2022 04:45 PM IST
सार

Blame: दिग्गज आईटी कंपनियां जिनमें विप्रो, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसी कंपनियां शामिल हैं, उन पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने पहले फ्रेशर्स को ऑफर लेटर जारी करने के बाद महीनों ज्वाइनिंग के लिए इंतजार कराया फिर उन लेटर्स को रद्द कर दिया।

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IT companies distributed 'offer letters' to freshers, made them wait three-four months, then canceled them
It Companies

विस्तार

देश की बड़ी आईटी कंपनियां फेशर्स की बहाली के मामले में सवालों के घेरे में आ गईं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देश की दिग्गज आईटी कंपनियां जिनमें विप्रो, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसी कंपनियां शामिल हैं, उन्होंने फ्रेशर्स को ऑफर लेटर जारी करने के बाद पहले उन्हें महीनों तक लटकाए रखा फिर उन लेटर्स को खारिज कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसा सैकड़ों फ्रेशर्स के साथ किया गया। उन्हें पहले इन दिग्गज कंपनियों ने पहले ऑफर जारी किए फिर तीन-चार महीने टाल-मटोल करने के बाद उन्हें रद्द कर दिया।

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पीड़ित छात्रों का दावा है कि उन्होंने देश की नामी दिग्गज कंपनियों में तीन से चार महीने पहले नौकरी के लिए आवेदन दिया। उसके बाद इन कंपनियों ने कई दौर के साक्षात्कार के बाद उन्हें ऑफर लेटर जारी कर दिए। वे अपनी नियुक्ति का इंतजार करते रहे। आईटी कंपनियां आगे की बहाली प्रक्रिया लगातार टालती रही और तीन-चार महीने इंतजार कराने के बाद कंपनियों की ओर से उन्हें बताया गया कि ऑफर लेटर्स को रद्द कर दिया। इसके पीछे तर्क दिया गया कि वे कंपनी में नियुक्ति की न्यूनतम योग्यताओं को पूरा नहीं करते हैं। ऐसे में, कंपनी की गाइडलाइन के तहत उन्हें जारी ऑफर लेटर्स रद्द किए जा रहे हैं।
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देश की बड़ी आईटी कंपनियों की ओर से ऑफर लेटर जारी करने के बाद उन्हें रद्द करने की खबर ऐसे समय पर सामने आई है जब कई बड़ी कंपनियां ग्लोबल आईटी मार्केट में जारी सुस्ती से निपटने के लिए कर्मचारियों की छंटनी का फैसला ले रही हैं। बाजार में इस तरह की चर्चा चल रही है कि ग्लोबल मार्केट में मुद्रा की सप्लाई कम होने, ब्याज दरों के बढ़ने के कारण आईटी क्षेत्र के स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध फंडिंग में धीरे-धीरे कमी आ रही है।  इसका असर नई आईटी कंपनियों के साथ-साथ बाजार में वर्षों से जमी दिग्गज आईटी कंपनियों पर भी पड़ रहा है। 
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बाजार में व्याप्त प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कई कंपनियों ने बहाली प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। गूगल, फेसबुक और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों ने भी अपनी बहाली प्रक्रिया रोक रखी है। उन्होंने अपने कर्मचारियों से कहा है कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करें।


 

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