फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Iran crude oil US sanctions waiver global energy markets crude oil prices Strait of Hormuz

Hormuz: 'हमारे पास कोई अतिरिक्त तेल नहीं', क्रूड पर अमेरिका की छूट के बाद ईरान की दो टूक; बाजार में अनिश्चितता

Sat, 21 Mar 2026 03:31 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kumar Vivek Updated Sat, 21 Mar 2026 03:31 PM IST
सार

अमेरिका द्वारा ईरान के कच्चे तेल पर प्रतिबंधों में ढील और ईरान के 'अतिरिक्त तेल न होने' के दावे का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर क्या असर होगा? जानिए क्रूड के लिए पूरी दुनिया में मची मौजूदा खलबली के क्या मायने हैं।

विज्ञापन
Iran crude oil US sanctions waiver global energy markets crude oil prices Strait of Hormuz
क्रूड की कीमतें - फोटो : amarujala.com

विस्तार

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चौथे सप्ताह में वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की चिंताओं के बीच अमेरिका ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दी है। हालांकि, ईरान ने यह कहकर बाजार को चौंका दिया है कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए कोई अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध नहीं है, जो कंटेनर पर लोड हो चुका हो।

विज्ञापन


अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए यह राहत दी है। यह छूट उन जहाजों पर लागू होगी जिन पर 20 मार्च 2026 तक कच्चा तेल लोड हो चुका है। यह 19 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगी और अमेरिका में ईरानी तेल आयात को भी मंजूरी देगी। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के अनुसार, इसका मुख्य उद्देश्य आपूर्ति के दबाव को कम करना है। 
विज्ञापन


अमेरिका का अनुमान था कि इस छूट से करीब 14 करोड़ बैरल कच्चा तेल तुरंत बाजार में आएगा। बेसेंट ने दावा किया कि चीन सस्ते में प्रतिबंधित ईरानी तेल जमा कर रहा है। ट्रंप प्रशासन होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान कम करने के लिए 44 करोड़ अतिरिक्त बैरल तेल लाने की कोशिश कर रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ईरान के तेल मंत्रालय ने अमेरिका के इस कदम का कड़ा खंडन किया है। मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने अतिरिक्त तेल उपलब्ध न होने की बात स्पष्ट की। ईरान ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव की टिप्पणियों को केवल खरीदारों को आश्वस्त करने का हथकंडा बताया।

अमेरिका की ओर से प्रतिबंधों में ढील का क्या कारण है?

अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी है। यह छूट 20 मार्च 2026 तक लोड हुए तेल वाले जहाजों पर लागू होगी। यह 19 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगी। अमेरिका में ईरानी कच्चे तेल और उत्पादों के आयात को भी मंजूरी मिली है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने आपूर्ति दबाव कम करना मुख्य उद्देश्य बताया। अमेरिका का अनुमान था कि इससे करीब 14 करोड़ बैरल तेल तुरंत बाजार में आएगा।

ईरान का क्या रुख है और बाजार पर इसका क्या असर पड़ रहा?

ईरान के तेल मंत्रालय ने अमेरिका के इस कदम का कड़ा खंडन किया है। मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने अतिरिक्त तेल उपलब्ध न होने की बात कही। ईरान ने अमेरिकी टिप्पणियों को केवल खरीदारों को आश्वस्त करने का प्रयास बताया। ईरान के इस इनकार से कच्चे तेल का बाजार और अधिक डगमगा सकता है। बाजार पहले से ही कीमतों में भारी उछाल का सामना कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक जलमार्ग अधिकांश समुद्री यातायात के लिए बंद है।

वैश्विक बाजार से क्या संकेत मिल रहे हैं?

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भारी दबाव बना है। अमेरिका ने ईरान पर अपना 'अधिकतम दबाव' बनाए रखने की बात कही है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' भी जारी रहेगा, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी। अमेरिका का लक्ष्य तेल की कीमतें कम करना और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना था। हालांकि, ईरान के दावे से आपूर्ति में जल्द राहत के आसार कम दिख रहे हैं। मौजूदा हालात ऊर्जा बाजारों में आगे भी अस्थिरता जारी रहने का संकेत दे रहे हैं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed