फिजिकल शेयर ट्रांसफर की तिथि नहीं बढ़ाई तो डूब जाएंगे अरबों रुपये
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दरअसल, प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अधिसूचना जारी कर फिजिकल रूप में किसी से खरीदे शेयरों को ट्रांसफर करवाने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 तय की है। अभी भी देश में लाखों निवेशकों के पास करीब 2.70 लाख करोड़ रुपये के शेयर फिजिकल रूप में पड़े हैं।
इनमें से काफी शेयरों को निवेशकों ने किसी से खरीदकर ट्रांसफर डीड पर उनसे हस्ताक्षर तो करवा लिए, लेकिन अभी तक उसे कंपनी के रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) के पास भेजकर शेयर अपने नाम नहीं करवाए हैं। लाखों निवेशकों के हितों को देखते हुए इस क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों ने नियामक से तिथि बढ़ाने की गुहार लगाई है।
निवेशकों को होगा नुकसान
शेयरों और प्रतिभूतियों में निवेश व फंसे निवेश को निकलवाने के क्षेत्र में सलाह देने वाले फर्म शेयर समाधान के सह संस्थापक विकास जैन का कहना है कि बीते दिसंबर में करीब 5.30 लाख करोड़ रुपये के शेयर फिजिकल रूप में पड़े थे। सेबी ने करीब चार महीने तक समय दिया तो लाखों शेयर धारकों ने इस दिशा में कदम बढ़ाया, लेकिन अभी करीब 2.70 लाख करोड़ रुपये के शेयर फिजिकल रूप में पड़े हैं। ऐसे निवेशकों का पैसा डूबे नहीं, इसके लिए सेबी को तिथि में विस्तार करना चाहिए।घबराए हुए हैं निवेशक
पुराने निवेशकों को कंपनियां शेयर खरीदने पर सर्टिफिकेट देती थीं, जिसकी खरीद-बिक्री ट्रांसफर डीड से होती थी। इसे कंपनी में भेजने पर नए खरीदार के नाम शेयर ट्रांसफर हो जाता था। वर्तमान में इसके लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है, जो अभी लाखों पुराने निवेशकों के पास नहीं है।
कुछ निवेशक पहले महानगरों में रहते थे और फिजिकल शेयर खरीद दूसरे के नाम पर शेयर सर्टिफिकेट और ट्रांसफर डीड लेकर गांव लौट गए। ऐसे ही एक निवेशक को जब पता चला कि उनके शेयर डीमैट कर ट्रांसफर कराने का अंतिम समय 31 मार्च है, तो वे घबरा गए।
पिछले साल दिया था निर्देश
सेबी के एक अधिकारी का कहना है उनके यहां से 8 जून 2018 को ही एक अधिसूचना निकालकर इस तरह के शेयर ट्रांसफर कराने की अंतिम तिथि पांच दिसंबर 2018 तय की गई थी। इसके बाद मिले निवेशकों की परेशानी और रिप्रजेंटेशन के बाद तीन दिसंबर 2018 को यह तिथि बढ़ाकर 31 मार्च 2019 कर दिया गया।