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निवेश मंत्रा: म्यूचुअल फंड में निवेश कर हासिल करें बड़े वित्तीय लक्ष्य; जरूरत के आधार पर इस तरह चुनें फंड
Mon, 09 Jun 2025 06:20 AM IST
शिव शुक्ला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Mon, 09 Jun 2025 06:20 AM IST
सार
बच्चों को बीटेक, मेडिकल और मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए 20 लाख से एक करोड़ रुपये तक की जरूरत पड़ सकती है। इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना सबके लिए आसान नहीं होता। म्यूचुअल फंड के जरिये ऐसे लक्ष्य आसानी से हासिल कर सकते हैं।
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म्यूचुअल फंड
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
बिना लक्ष्य के बचत या निवेश करना ऐसा ही है जैसे बिना पते के सफर पर निकल जाना। जब हमें पता होता है कि हम किस लक्ष्य के लिए बचत कर रहे हैं, तो हम न केवल बचत जारी रखने के लिए प्रेरित रहते हैं, बल्कि उस बचत को सही जगह निवेश करने की योजना भी बेहतर तरीके से बना पाते हैं। सपनों को हासिल करने के लिए यह समझना जरूरी है कि किस लक्ष्य को पूरा करने में कितनी धनराशि लगेगी। उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे लक्ष्य महंगाई से ज्यादा प्रभावित होते हैं, इसलिए इनकी प्लानिंग भी सटीक होनी चाहिए।
कब और कैसे शुरू करें निवेश की योजना?
किसी भी निवेश योजना की शुरुआत करने से पहले आपके दिमाग में लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। लक्ष्यों की सूची अपने परिवार, अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर तैयार करनी चाहिए। जब आप एक इकाई की तरह सोचते हैं तो जीवन में आगे बढ़ना बहुत आसान हो जाता है।
हम लक्ष्यों को उनके समय के आधार पर तीन हिस्सों में बांट सकते हैं। पहला शॉर्ट टर्म लक्ष्य जिसे तीन साल में पूरा करना है। दूसरा मीडियम टर्म लक्ष्य जो 3 से 7 साल और तीसरा लंबी अवधि का लक्ष्य जो 7 साल से ज्यादा है। बच्चे की उच्च शिक्षा 3 साल में शुरू होने वाली है तो यह शॉर्ट टर्म लक्ष्य है। ऐसे में डेट फंड्स सबसे सुरक्षित विकल्प होते हैं। अगर जरूरत की राशि ज्यादा है, तो कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड भी चुन सकते हैं।
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जरूरत के आधार पर इस तरह चुनें फंड
एसआईपी बनाम एकमुश्त : ऐसे करें निवेश
एसआईपी नियमित बचत की आदत को मजबूत करता है व बाजार के उतार-चढ़ाव को संतुलित करता है। एकमुश्त निवेश बाजार में गिरावट के समय खरीदारी का मौका देता है। वेतन में से एसआईपी करें व बोनस जैसी राशि को एकमुश्त निवेश के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
निवेश की समीक्षा करना उतना ही जरूरी है जितना शुरुआत में सही योजना बनाना। 6 माह में एक बार निवेश की समीक्षा जरूर करें। क्योंकि समय के साथ आपकी आय बदलती है, परिस्थितियां बदलती हैं और कई बार सपने भी। -प्रसाद शेट्टी ,‘मनी अन्ना’ निदेशक, एस9 फिनटेक
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कब और कैसे शुरू करें निवेश की योजना?
किसी भी निवेश योजना की शुरुआत करने से पहले आपके दिमाग में लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। लक्ष्यों की सूची अपने परिवार, अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर तैयार करनी चाहिए। जब आप एक इकाई की तरह सोचते हैं तो जीवन में आगे बढ़ना बहुत आसान हो जाता है।
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हम लक्ष्यों को उनके समय के आधार पर तीन हिस्सों में बांट सकते हैं। पहला शॉर्ट टर्म लक्ष्य जिसे तीन साल में पूरा करना है। दूसरा मीडियम टर्म लक्ष्य जो 3 से 7 साल और तीसरा लंबी अवधि का लक्ष्य जो 7 साल से ज्यादा है। बच्चे की उच्च शिक्षा 3 साल में शुरू होने वाली है तो यह शॉर्ट टर्म लक्ष्य है। ऐसे में डेट फंड्स सबसे सुरक्षित विकल्प होते हैं। अगर जरूरत की राशि ज्यादा है, तो कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड भी चुन सकते हैं।
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जरूरत के आधार पर इस तरह चुनें फंड
| लक्ष्य | अवधि | फंड |
| छोटी अवधि | 3 साल से कम | पहले व दूसरे साल- डेट फंड्स
तीसरे साल- कंजर्वेटिव हाइब्रिड चौथे साल- बैलेंस्ड एडवांटेज |
| मध्यम अवधि | 3 से 7 साल | पहले 2 साल- बैलेंस्ड एडवांटेज या हाइब्रिड, बाद के वर्ष में लार्ज कैप |
| लंबी अवधि | 7 साल से अधिक | 30–40% निवेश मल्टीकैप या फ्लेक्सीकैप में
5-20% निवेश लार्जकैप, 0–45% मिड व स्मॉलकैप में |
एसआईपी बनाम एकमुश्त : ऐसे करें निवेश
एसआईपी नियमित बचत की आदत को मजबूत करता है व बाजार के उतार-चढ़ाव को संतुलित करता है। एकमुश्त निवेश बाजार में गिरावट के समय खरीदारी का मौका देता है। वेतन में से एसआईपी करें व बोनस जैसी राशि को एकमुश्त निवेश के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
निवेश की समीक्षा करना उतना ही जरूरी है जितना शुरुआत में सही योजना बनाना। 6 माह में एक बार निवेश की समीक्षा जरूर करें। क्योंकि समय के साथ आपकी आय बदलती है, परिस्थितियां बदलती हैं और कई बार सपने भी। -प्रसाद शेट्टी ,‘मनी अन्ना’ निदेशक, एस9 फिनटेक