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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: उद्यम को स्वतंत्र रूप से चला रहीं महिलाएं,बन रहीं आत्मनिर्भर; वित्तीय प्रबंधन पर जोर
Sat, 08 Mar 2025 04:51 AM IST
शिव शुक्ला
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sat, 08 Mar 2025 04:51 AM IST
सार
करीब 93 फीसदी महिलाएं सक्रिय रूप से अपने फाइनेंस का प्रबंधन करती हैं। यह सुनिश्चित करती हैं कि वे समय पर ईएमआई चुकाएं और अधिक कर्ज लेने से बचें। महिला उद्यमी न सिर्फ कारोबार स्वतंत्र रूप से चला रही हैं, बल्कि वित्तीय स्थिरता के लिए सक्रिय कदम भी उठा रही हैं। यह सर्वे 20 शहरों की 3,000 से अधिक महिला उद्यमियों से बातचीत पर आधारित है।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
छोटे उद्यम चलाने वाली देश की 51 फीसदी महिलाएं अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए निजी बचत या आपातकालीन फंड का इस्तेमाल कर रही हैं। यह उनकी वित्तीय स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। खास बात है कि ये वित्तीय प्रबंधन पर भी खास ध्यान दे रही हैं।
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नियोइनसाइट्स के सर्वे के मुताबिक, निजी बचत के अलावा 25 फीसदी महिलाएं वित्तीय मदद के लिए परिवार का रुख करती हैं। यह उन उद्यमों में आम है, जिनमें उच्च पूंजी निवेश की जरूरत होती है। 24 फीसदी महिलाएं फंडिंग के लिए कर्ज, अनुदान या निवेशकों जैसे विभिन्न स्रोतों का उपयोग करती हैं।
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करीब 93 फीसदी महिलाएं सक्रिय रूप से अपने फाइनेंस का प्रबंधन करती हैं। यह सुनिश्चित करती हैं कि वे समय पर ईएमआई चुकाएं और अधिक कर्ज लेने से बचें। महिला उद्यमी न सिर्फ कारोबार स्वतंत्र रूप से चला रही हैं, बल्कि वित्तीय स्थिरता के लिए सक्रिय कदम भी उठा रही हैं। यह सर्वे 20 शहरों की 3,000 से अधिक महिला उद्यमियों से बातचीत पर आधारित है। सर्वे में उनकी उद्यमशीलता की यात्रा को आकार देने वाली वित्तीय रणनीतियों, चुनौतियों और सहायता प्रणालियों पर प्रकाश डाला गया है।
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गर्व महसूस करती हैं फैसले लेने वाली महिलाएं
महिला उद्यमी आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं। वे चुनौतियों से जूझते हुए वित्तीय भविष्य की जिम्मेदारी ले रही हैं। सर्वे में कहा गया है कि खुद फैसले लेने वाली 88.47 फीसदी महिलाएं अपनी भूमिकाओं में गर्व महसूस करती हैं।
चुनौती
20-30 वर्ष की युवा महिला उद्यमियों को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनमें से 17 फीसदी को अपने शुरुआती वर्षों में प्रतिरोध का सामना करना पड़ता है। लैंगिक पूर्वाग्रह भी उनकी सफलता की राह में बाधक है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 35% होगी महिलाओं की भागीदारी
देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रमुख भूमिकाओं में पुरुषों का दबदबा होने के बावजूद इस उद्योग में महिलाओं की भागीदारी 2030 तक बढ़कर 35 फीसदी हो जाएगी, जो 2025 में 25 फीसदी होगी। एनएलबी सर्विसेज ने एक रिपोर्ट में कहा, वर्तमान में भारत के चिप डिजाइन व इंजीनियरिंग कार्यबल में 2.20 लाख कर्मचारी हैं। इनमें महिलाओं की संख्या सिर्फ एक चौथाई हैं।
सेमीकंडक्टर निर्माण में पुरुषों और महिलाओं के कार्यबल का अनुपात 60:40 है। यह अंतर नेतृत्व में भी फैला हुआ है, क्योंकि इस क्षेत्र में प्रमुख भूमिकाओं में पुरुषों की संख्या 93-95 फीसदी है, जबकि शीर्ष स्तर पर महिलाओं का हिस्सा सिर्फ 5-7 फीसदी है।
अस्मिता: महिला उद्यमियों को बिना गारंटी कर्ज देगा एसबीआई
एसबीआई ने महिला उद्यमियों के लिए बिना किसी गारंटी के कम ब्याज पर कर्ज देने के लिए ‘अस्मिता’ नामक उत्पाद पेश किया है। बैंक के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा, नया उत्पाद डिजिटल प्रक्रिया के जरिये महिलाओं के नेतृत्व वाली छोटे उद्यमों को तेज और आसानी से फंड मुहैया कराएगा। बैंक ने विशेष रूप से महिलाओं के लिए रुपे संचालित ‘नारी शक्ति’ प्लैटिनम डेबिट कार्ड भी पेश किया है।